Jul 30, 2026 10:28 am ISTलाइव हिन्दुस्तान
मुख्य बातें
- इंडो-एमआईएम के शेयर BSE में 45% के फायदे के साथ 703 रुपये पर लिस्ट हुए हैं
- NSE में कंपनी के शेयर 44.33% के प्रीमियम के साथ 700 रुपये पर लिस्ट हुए
- लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयरों में और उछाल देखने को मिला है

INDO MIM IPO: इंडो-एमआईएम का आईपीओ 72 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था।
INDO-MIM IPO: इंडो-एमआईएम के शेयरों ने बाजार में उतरते ही धमाल मचा दिया है। कंपनी के शेयर गुरुवार को BSE में 45 पर्सेंट के फायदे के साथ 703 रुपये पर लिस्ट हुए हैं। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में इंडो-एमआईएम के शेयर 44.33 पर्सेंट के प्रीमियम के साथ 700 रुपये पर लिस्ट हुए हैं। आईपीओ में कंपनी के शेयर का दाम 485 रुपये था। इंडो-एमआईएम का आईपीओ दांव लगाने के लिए 23 जुलाई 2026 को खुला था और यह 27 जुलाई तक ओपन रहा। इंडो-एमआईएम के आईपीओ का टोटल साइज 3811 करोड़ रुपये तक का था।
लिस्टिंग के बाद और उछल गए कंपनी के शेयर
जबरदस्त लिस्टिंग के बाद इंडो-एमआईएम के शेयरों में और उछाल देखने को मिला है। कंपनी के शेयर BSE में 725.15 रुपये पर जा पहुंचे हैं। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर भी इंडो-एमआईएम के शेयर 725.80 रुपये पर पहुंच गए हैं। कंपनी का मार्केट कैप गुरुवार को 35,200 करोड़ रुपये के पार जा पहुंचा है।
IPO पर लगा 72 गुना से ज्यादा दांव
इंडो-एमआईएम का आईपीओ (INDO-MIM IPO) टोटल 72.37 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी के आईपीओ में आम निवेशकों या रिटेल इनवेस्टर्स की कैटेगरी में 6.69 गुना दांव लगा। वहीं, एंप्लॉयीज का कोटा 9.44 गुना सब्सक्राइब हुआ। इंडो-एमआईएम के आईपीओ में गैर संस्थागत निवेशकों या नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के कोटे में 50.65 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं, क्वॉलीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) कैटेगरी में 204.47 गुना दांव लगा। कंपनी के आईपीओ में आम निवेशक कम से कम 1 लॉट और अधिकतम 13 लॉट के लिए दांव लगा सकते थे। इंडो-एमआईएम के आईपीओ में एक लॉट के लिए आम निवेशकों को 14,500 रुपये का इनवेस्टमेंट करना पड़ा है।
क्या करती है इंडो-एमआईएम?
इंडो-एमआईएम की शुरुआत साल 1996 में हुई है। मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए प्रिसिशन इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स बनाने वाले में इंडो-एमआईएम ग्लोबल लीडर है। कंपनी मोल्ड डिजाइन, टूलिंग, फिनिशिंग और असेंबली समेत इंड-टू-इंड सॉल्यूशंस ऑफर करती है। मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) टेक्नोलॉजी के अलावा कंपनी इनवेस्टमेंट कॉस्टिंग, प्रिसिशन मशीनिंग, सेरेमिक इंजेक्शन मोल्डिंग और 3D मेटल प्रिंटिंग जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज का इस्तेमाल करती है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 6400 से ज्यादा प्रॉडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग की। कंपनी ऑटोमोटिव, डिफेंस, कंज्यूमर और एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज की जरूरतें पूरी करती है। 31 मार्च 2026 तक के डीटेल्स के मुताबिक, इंडो-एमआईएम के चीन, जर्मनी और युनाइटेड स्टेट्स में 3 सेल्स ऑफिस हैं। चेक रिपब्लिक, फ्रांस, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, इजरायल, पोलैंड और तुर्की में कंपनी के सेल्स रिप्रेजेंटेटिव हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने 1100 से ज्यादा कस्टमर्स को सर्विसेज दी हैं।
लेखक के बारे में
Vishnu Soni
विष्णु सोनी लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस, गैजेट्स और ऑटो सेक्शन संभाल रहे हैं। वह दिसंबर 2020 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ हैं। वह शेयर बाजार, कॉरपोरेट, पर्सनल फाइनेंस, गैजेट्स और ऑटो की खबरें लिखते हैं। गैजेट्स और ऑटो रिव्यू में भी इनकी दिलचस्पी है। बिजनेस से जुड़ी खबरों में विष्णु हमेशा इस बात पर फोकस करते हैं कि वह पाठकों के 'काम की बात' वाला एंगल प्रमुखता से खबर में ला सकें, ताकि उनकी वित्तीय जागरूकता बढ़े। बिजनेस से जुड़ी खबरों में भाषा की सरलता और सहजता पर भी विष्णु का ध्यान हमेशा रहा है।
पत्रकारिता में विष्णु को 20 साल पूरे होने को हैं। विष्णु के करियर का ज्यादातर हिस्सा बिजनेस जर्नलिज्म से जुड़ा रहा है। वह दैनिक भास्कर, इकनॉमिक टाइम्स-हिंदी, अमर उजाला, नेटवर्क-18 और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। विष्णु ने पत्रकारिता की पढ़ाई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से की है। विष्णु, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। GST को लेकर बनाए गए विष्णु के एक वीडियो को अवॉर्ड भी मिल चुका है। कुकिंग, ट्रेवलिंग, क्रिकेट देखने और खेलने में इनको मजा आता है। अपने वक्त का एक हिस्सा विष्णु ऐसे शेयरों को 'खोजने' में लगाते हैं, जो कि आगे चलकर अच्छा रिटर्न दें।
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