एक नदी से शुरू हुई सफाई की मुहिम अब दूसरे शहरों तक पहुंच रही है. मध्य प्रदेश की अजनार नदी की सफाई को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में आए ‘बिट्टू तबाही’ अब बेंगलुरु के तुराहल्ली फॉरेस्ट में नजर आए. यहां उन्होंने करीब 100 लोगों के साथ मिलकर जंगल में जमा कचरा साफ किया.
बिट्टू तबाही का असली नाम सुरेंद्र सिंह चौधरी है. 20 साल के सुरेंद्र ने सफाई अभियान का वीडियो Instagram पर साझा किया है. वीडियो में उनकी टीम के लोग मास्क और ग्लव्स पहनकर जंगल में सफाई करते दिखाई दे रहे हैं.
जंगल की सफाई सिर्फ ऊपर दिखाई देने वाले कचरे को उठाने तक सीमित नहीं रही. टीम ने उन जगहों पर भी खुदाई की, जहां कचरा जमीन के अंदर दबा हुआ था. फावड़ों से जमीन खोदकर कचरा निकाला गया और उसे बोरियों में भरा गया.
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जमीन के अंदर दबा था कचरा
कुछ जगहों पर कचरा इतना ज्यादा जमा था कि उसे हाथ से निकालना आसान नहीं था. ऐसे हिस्सों में जेसीबी मशीन की मदद ली गई. इसके बाद निकाले गए कचरे को recycling truck तक पहुंचाया गया, जहां टीम के सदस्यों ने उसे ट्रक में लोड किया.
तुराहल्ली फॉरेस्ट बेंगलुरु से करीब 20 किलोमीटर दूर कनकपुरा रोड के पास स्थित है. बिट्टू ने बताया कि वह अब अलग-अलग राज्यों में जाकर लोगों को सार्वजनिक जगहों को साफ रखने के लिए जागरूक करना चाहते हैं.
अकेले शुरू हुई मुहिम, अब जुड़ रहे लोग
बेंगलुरु में इस अभियान की एक खास बात यह रही कि स्थानीय लोगों ने भी बिट्टू का साथ दिया. करीब 100 लोग सफाई के लिए एक साथ जुटे. बिट्टू के मुताबिक, लोगों का यह समर्थन उनकी मुहिम को आगे बढ़ाने में मदद कर रहा है.
दरअसल, बिट्टू की पहचान किसी बड़े पर्यावरण अभियान के जरिए नहीं, बल्कि अजनार नदी की सफाई करते हुए बनाए गए वीडियो से बनी. उन्होंने कई महीनों तक नदी में जमा प्लास्टिक और दूसरे कचरे को हटाया. सफाई के दौरान बनाए गए वीडियो और पहले-बाद की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं.
देखें वीडियो
इस मुहिम में उन्होंने खुद जरूरी सामान का इंतजाम किया और बार-बार नदी पर लौटकर सफाई का काम जारी रखा. धीरे-धीरे उनका काम सोशल मीडिया से निकलकर देशभर में चर्चा का विषय बन गया.
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अब The Ocean Cleanup तक पहुंची कहानी
अजनार नदी की सफाई का असर सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा. उनके काम पर The Ocean Cleanup की नजर पड़ी. डच पर्यावरणविद् Boyan Slat द्वारा स्थापित इस संगठन ने बिट्टू को नौकरी का ऑफर भी दिया.
ऑफर मिलने के बाद बिट्टू ने समर्थकों का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने लोगों से यह भी पूछा कि अपनी सफाई मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें अगला राज्य कौन-सा जाना चाहिए.
अब उनका जवाब बेंगलुरु के तुराहल्ली फॉरेस्ट के रूप में सामने आया है. अजनार नदी से शुरू हुई यह पहल फिलहाल एक ऐसी मुहिम में बदलती दिख रही है, जिसमें बिट्टू खुद सफाई करने के साथ-साथ दूसरे लोगों को भी इससे जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.
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