उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में नेपाल और पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण बाढ़ का संकट गहरा गया है। बनबसा बैराज से शारदा नदी में लगभग दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जिला प्रशासन ने पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण तटवर्ती इलाकों और दर्जनों गांवों पर जलभराव तथा कटान का गंभीर खतरा मंडराने लगा है।
बाढ़ के खतरे को देखते हुए पीलीभीत जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है।
- Published: 01 Sep 2026, 04:24 PM IST
- Last Updated: 01 Sep 2026, 04:24 PM IST
उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिले पीलीभीत में मानसून की भारी बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से आ रहे पानी के चलते बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ों पर हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की जा रही है। मंगलवार को बनबसा बैराज से शारदा नदी में अचानक दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी डिस्चार्ज किया गया, जिसके बाद निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ का हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
बनबसा बैराज से छोड़ा गया 2 लाख क्यूसेक पानी, उफान पर शारदा नदी
सिंचाई विभाग और बैराज प्रबंधन के अनुसार, कैचमेंट एरिया में हो रही तेज बारिश के चलते बैराज पर पानी का दबाव काफी बढ़ गया था। सुरक्षा के मद्देनजर 2 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है। पानी छोड़े जाने के बाद से ही शारदा नदी विकराल रूप धारण कर चुकी है और इसका जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच रहा है। नदी के तेज बहाव को देखते हुए आसपास के निचले इलाकों में पानी तेजी से फैलने की आशंका जताई जा रही है।
पूरनपुर और हजारा क्षेत्र के दर्जनों गांवों पर मंडराया जलभराव का खतरा
शारदा नदी में पानी का डिस्चार्ज बढ़ने से पीलीभीत के पूरनपुर तहसील, हजारा, कबीरगंज, और चंदनचौकी से सटे दर्जनों ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। इन तटीय गांवों में नदी का पानी घुसने और बड़े पैमाने पर कृषि योग्य भूमि के कटान की संभावना बढ़ गई है। स्थानीय ग्रामीण और किसान अपने मवेशियों और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों और ऊंचे बांधों पर ले जाने की तैयारी में जुट गए हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, एनडीआरएफ और राहत टीमें तैनात
बाढ़ के खतरे को देखते हुए पीलीभीत जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। संवेदनशील इलाकों में बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और जलस्तर की स्थिति पर नजर बनाए रखने की अपील की है।