ममता बनर्जी की भतीजी की मौत का सच? घर में लाश, तलाक का केस और घोटाले में भी था नाम, कौन थीं बृष्टि मुखर्जी?
Published: Tuesday, September 1, 2026, 16:24 [IST]
Mamata Banerjee Niece Death: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी घटक (Bristi Mukherjee Ghatak) की मंगलवार 01 सितंबर को रामपुरहाट स्थित घर में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पुलिस ने शव बरामद कर जांच शुरू कर दी है।
अभी यह साफ नहीं है कि उनकी मौत कैसे हुई। पुलिस ने शव को रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा है। पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
घर में लटकी मिली बृष्टि की लाश, पुलिस ने शुरू की जांच
बृष्टि मुखर्जी घटक की मौत की खबर सामने आते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई। पुलिस फिलहाल हर पहलू से मामले को देख रही है। मौत किन परिस्थितियों में हुई, उस वक्त घर में कौन मौजूद था और घटना से पहले क्या हुआ था, इन सवालों के जवाब जुटाए जा रहे हैं।
रामपुरहाट पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक पुलिस की तरफ से मौत को हत्या या आत्महत्या करार नहीं दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच में अहम भूमिका निभाएगी।
पति से चल रहा था तलाक का केस
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक,बृष्टि अपने पति से अलग होने की कानूनी प्रक्रिया से गुजर रही थीं। दोनों के बीच तलाक की कार्यवाही चल रही थी। यही वजह है कि उनकी निजी जिंदगी से जुड़े हालात भी पुलिस की जांच में अहम हो सकते हैं।
परिवार के लोगों ने बताया कि बृष्टि पिछले कुछ सालों से गंभीर डिप्रेशन (अवसाद) से जूझ रही थीं और उनका इलाज भी चल रहा था। पारिवारिक विवाद और लगातार बढ़ते मानसिक तनाव को भी इस घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि उनकी मौत की सीधी वजह क्या रही, यह फिलहाल सामने नहीं आई है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को जोड़कर देख रही है। इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
शिक्षक भर्ती घोटाले में भी आया था नाम
बृष्टि का नाम इससे पहले पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती विवाद में भी सामने आया था। उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने कथित तौर पर गलत तरीके से सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में शिक्षक की नौकरी हासिल की थी।
परिवार के मुताबिक, बाद में सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद उनकी नौकरी चली गई, जिसमें भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के चलते सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में की गई नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया गया था। यह मामला पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक राजनीतिक और कानूनी चर्चा का विषय रहा। बृष्टि का नाम भी इसी विवाद के दौरान सामने आया था।
बृष्टि की मौत से कुछ दिन पहले टीएमसी नेता की भी मौत
बीरभूम में यह घटना ऐसे वक्त हुई है जब कुछ दिन पहले ही रामपुरहाट में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी की मौत हुई थी। वह पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और पांच बार विधायक रह चुके थे।
रविवार को उनका शव एक पार्टी कार्यालय के अंदर फंदे से लटका मिला था। उनकी मौत के बाद एक कथित सुसाइड नोट भी सामने आया था। इसमें उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार किया था और कहा था कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही थी।
अब कुछ ही दिनों के भीतर रामपुरहाट में बृष्टि मुखर्जी घटक की मौत ने इलाके में फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं, इसकी कोई पुष्टि पुलिस ने नहीं की है।
पोस्टमार्टम के बाद खुलेगा मौत का राज
फिलहाल पुलिस की जांच शुरुआती दौर में है। बृष्टि की मौत की वजह को लेकर कई सवाल हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर कुछ भी तय नहीं हुआ है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसके साथ ही घटनास्थल और परिवार से मिली जानकारी की भी जांच की जा रही है।
सबसे अहम सवाल यही है कि बृष्टि मुखर्जी घटक की मौत आखिर किन हालात में हुई। क्या यह किसी स्वास्थ्य या निजी परेशानी से जुड़ा मामला है या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिलेगा।
अभी तक सामने आई जानकारी में तलाक की कार्यवाही, लंबे समय से चल रहा इलाज और शिक्षक भर्ती विवाद जैसे पहलू जरूर हैं, लेकिन इनमें से किसी को उनकी मौत की वजह मानना फिलहाल सही नहीं होगा। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।