'एसपी साहब का आदेश है', चेन-अंगूठी उतरवाई और कागज में थमा दिया पत्थर, मुजफ्फरपुर में फर्जी पुलिस का गजब खेल
Published: Tuesday, September 1, 2026, 16:25 [IST]
Muzaffarpur Fake Police: मुजफ्फरपुर में पुलिसकर्मी बनकर लूट करने का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बाइक सवार दो शातिरों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक व्यक्ति को रोक लिया। आरोपियों ने एसपी के आदेश का हवाला देते हुए सड़क पर सोने के गहने पहनकर चलने पर आपत्ति जताई। बातों में फंसाकर उन्होंने पीड़ित की सोने की चेन और दो अंगूठियां उतरवा लीं। इसके बाद शुरू हुआ असली 'खेल'।
शातिरों ने जेवर कागज में लपेटे और डिक्की में रखने का नाटक किया। कुछ दूर जाने के बाद जब पीड़ित ने डिक्की खोली तो कागज में सोना नहीं, बल्कि पत्थर का टुकड़ा मिला।
'एसपी साहब का आदेश है', इतना सुनते ही रुक गई बाइक
मामला सरैया थाना क्षेत्र का है। मधुबन गांव निवासी अनिल कुमार सिंह 31 अगस्त की सुबह करीब 11:42 बजे बाइक से बखरा स्थित कोल्ड स्टोरेज की ओर जा रहे थे। बखरा गुदरी बाजार के पास दो बाइक सवार युवकों ने उन्हें रोक लिया। दोनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और कहा कि एसपी साहब का आदेश है कि कोई भी व्यक्ति सड़क पर सोने के कीमती आभूषण पहनकर नहीं चले। पुलिस का नाम सुनते ही पीड़ित भी उनकी बातों पर भरोसा कर बैठे।
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पुलिस की वर्दी नहीं, बस 'रौब' ही काफी था
आरोपियों ने अनिल कुमार सिंह को ऐसा विश्वास दिलाया कि वे बाकायदा पुलिस की कार्रवाई कर रहे हैं। इसके बाद उनसे गले में पहनी करीब 20 ग्राम की सोने की चेन और हाथ की दो अंगूठियां उतरवा लीं। दोनों अंगूठियों का कुल वजन करीब 10 ग्राम बताया गया है। यानी कुछ ही मिनटों में शातिरों ने बातचीत के जरिए लाखों के जेवर अपने कब्जे में कर लिए। पीड़ित को उस वक्त जरा भी अंदाजा नहीं था कि पुलिस का नाम लेकर उसके साथ ठगी का खेल खेला जा रहा है।
कागज में सोना लपेटा... लेकिन कहानी में था बड़ा ट्विस्ट
जेवर उतरवाने के बाद शातिरों ने अगला दांव खेला। उन्होंने सोने के आभूषणों को कागज में लपेटा और पीड़ित को भरोसा दिलाया कि जेवर उसकी बाइक की डिक्की में सुरक्षित रखे जा रहे हैं। पूरा सीन ऐसा बनाया गया कि अनिल कुमार सिंह को किसी तरह का शक न हो। इसके बाद दोनों आरोपी बाइक पर सवार होकर बखरा बाजार की तरफ निकल गए। जाते-जाते वे अंबारा की दिशा में फरार हो गए और पीड़ित को कुछ देर बाद असली कहानी समझ आई।
डिक्की खुली तो 'सोना' निकला पत्थर!
आरोपियों के जाने के बाद अनिल कुमार सिंह को कुछ गड़बड़ महसूस हुई। उन्होंने तुरंत बाइक की डिक्की खोली और उसमें रखा कागज बाहर निकाला। कागज खोलते ही उनके होश उड़ गए। जिस कागज में सोने के जेवर होने चाहिए थे, उसमें सिर्फ पत्थर का एक टुकड़ा मिला। यानी शातिर जेवर लेकर निकल चुके थे और डिक्की में ऐसा सामान छोड़ गए, जिससे पीड़ित को तुरंत शक भी न हो। तब अनिल को समझ आया कि पुलिस बताने वाले दोनों युवक असल में ठग थे।
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अब असली पुलिस करेगी 'फर्जी पुलिस' की तलाश
घटना के बाद पीड़ित ने सरैया थाने में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है। अनिल कुमार सिंह ने पुलिस से दोनों आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों तक पहुंचने के लिए उपलब्ध सुरागों की पड़ताल कर सकती है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क पर पुलिस बनकर लोगों को रोकने वाले ठगों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। असली पुलिस के नाम पर भरोसा करना पीड़ित को भारी पड़ गया।