उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के साढ़े नौ वर्षों के कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक सुधार दर्ज किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला स्तरीय राजकीय अस्पतालों के नेटवर्क का न केवल विस्तार हुआ है, बल्कि दूर-दराज के इलाकों में विशेषज्ञ चिकित्सा, क्रिटिकल केयर और डायग्नोस्टिक सुविधाओं को भी जमीनी स्तर पर मजबूत किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( फाइल फोटो )
- Published: 21 Sep 2026, 03:01 PM IST
- Last Updated: 21 Sep 2026, 03:01 PM IST
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे का अभूतपूर्व कायाकल्प किया है। बीते साढ़े नौ वर्षों में जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) के नेटवर्क में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सरकार का मुख्य ध्यान केवल अस्पतालों की इमारतें खड़ी करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ब्लॉक और ग्राम स्तर तक विशेषज्ञ डॉक्टरों, क्रिटिकल केयर और आधुनिक जांच उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर रहा है।
अस्पतालों और सीएचसी-पीएचसी के आंकड़ों में रिकॉर्ड वृद्धि
वर्ष 2017 में प्रदेश के भीतर महज 109 जिला स्तरीय राजकीय एवं विशिष्ट चिकित्सालय संचालित थे, जिनकी संख्या वर्ष 2026 में बढ़कर 234 हो गई है, यानी इसमें लगभग 115 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) की संख्या 821 से बढ़कर 977 (19% वृद्धि) हो गई है।
स्वास्थ्य केंद्रों के स्तर पर हुए बदलावों के आंकड़े इस प्रकार हैं:-
- नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (Urban PHC): 542 से बढ़कर 721 (33% की वृद्धि)।
- ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (Rural PHC): 2,811 से बढ़कर 3,035 (8% की वृद्धि)।
- स्वास्थ्य उपकेंद्र (Sub-Centres): 20,573 से बढ़कर 28,845 (लगभग 40% की वृद्धि)।
29,896 आयुष्मान आरोग्य मंदिर से गांव-गांव पहुंची डॉक्टरी सलाह
ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में प्राथमिक स्तर पर इलाज की पहुंच आसान बनाने के लिए उपकेंद्रों को आधुनिक रूप दिया गया है। प्रदेश में वर्तमान में कुल 29,896 आयुष्मान आरोग्य मंदिर का संचालन किया जा रहा है। इनमें से 14,872 केंद्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के माध्यम से और बाकी अन्य माध्यमों से संचालित होकर स्थानीय स्तर पर लोगों को प्राथमिक इलाज और दवाइयां मुहैया करा रहे हैं।
543 सीएचसी पर एनेस्थीसिया क्लीनिक और क्रिटिकल केयर की सुविधा
ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाओं की कमी को दूर करने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। प्रदेश के 543 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एनेस्थीसिया क्लीनिक शुरू किए गए हैं और वहां विशेषज्ञ मानव संसाधन की तैनाती की गई है।
इसके साथ ही आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए:-
- 73 नर्सिंग कॉलेज सीएचसी स्तर के साथ जोड़े गए हैं (वर्ष 2017 में यह संख्या शून्य थी)।
- 189 ऑक्सीजन प्लांट और 161 ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित किए जा चुके हैं। * 370 सीएचसी पर डिजिटल एक्स-रे मशीनें और अल्ट्रासाउंड की सुविधाएं ईसीआरपी-2 (ECRP-2) योजना के तहत उपलब्ध कराई गई हैं।
प्रदेश में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब और क्रिटिकल केयर ब्लॉक का नेटवर्क तैयार कर यूपी को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में तेजी से काम जारी है।