जब भी हम लंबे सफर या ड्राइविंग करने निकलते हैं तो हम अपनी कार में गाना सुनना बहुत पसंद करते हैं. कई बार हम अनजाने में या बहुत तेज म्यूजिक बजाते हैं और एन्जॉय करते हैं. जबकि कई लोग कार की खिड़कियां नीचे करके या फिर हाई बास वाले मॉडिफाइड म्यूजिक सिस्टम पर काफी तेज आवाज में गाने बजाते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो थोड़ा सतर्क हो जाइए. क्योंकि, सड़कों पर तेज आवाज में संगीत बजाना न केवल दूसरों के लिए परेशानी खड़ी करता है बल्कि यह एक गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन भी है. इसके लिए ट्रैफिक पुलिस आपका मोटा चालान काट सकती है.
क्योंकि, जब आप अपनी कार में बहुत तेज आवाज में संगीत बजाते हैं तो इससे न केवल ध्वनि प्रदूषण होता है बल्कि आपका ध्यान भी भटक सकता है. यदि तेज आवाज के कारण आपको एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन गाड़ियों का सायरन या आसपास की गाड़ियों का हॉर्न सुनाई नहीं देता तो यह बड़े हादसे की वजह बन सकता है. चलिए जानतें हैं इस अपराध के पीछे कितना मोटा चालान है.
कितना कट सकता है चालान?
आपको बता दें कि, ट्रैफिक पुलिस तेज म्यूजिक बजाने पर अलग-अलग धाराओं के तहत कार्रवाई करती है. मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190(2) के तहत शोर प्रदूषण और रोड सेफ्टी मानकों के उल्लंघन पर पहली बार पकड़े जाने पर 1,000 से लेकर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
जबकि इसके अलावा यदि पुलिस को लगता है कि तेज म्यूजिक के कारण आपका ध्यान भटक रहा है और आप खतरनाक तरीके से गाड़ी चला रहे हैं तो धारा 184 के तहत भी चालान काटा जा सकता है. अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसके लिए 500 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक के अलग चालान का प्रावधान मौजूद है.

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सख्ती और नियम
जानकारी दें दे कि, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज और अदालतों के आसपास के 100 मीटर के दायरे को साइलेंस जोन घोषित किया जाता है. इन इलाकों में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के तहत डेसिबल की सीमा काफी सख्त होती है. दिन के समय इन इलाकों में 50 dB और रात के समय 40 dB से अधिक शोर की अनुमति नहीं होती है.
यदि आप साइलेंस जोन में अपनी कार में ऐसा म्यूजिक बजाते हैं जिसकी आवाज बाहर तक जाती है तो पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सकती है. ऐसे क्षेत्रों में नियम का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाया जाता है और वाहन जब्त होने का खतरा भी बना रहता है.

म्यूजिक सिस्टम और मॉडिफिकेशन
बता दें कि, कंपनी से आने वाले म्यूजिक सिस्टम सामान्य तौर पर तय मानकों के अंदर ही काम करते हैं. परेशानी तब शुरू होती है जब लोग गाड़ियों में भारी-भरकम आफ्टरमार्केट एम्पलीफायर, सबवूफर और एक्स्ट्रा स्पीकर्स लगवा लेते हैं.
जबकि हमेशा इस बात का ध्यान दें कि, आपकी कार में कराया गया मॉडिफिकेशन आरटीओ के तय मानकों का उल्लंघन न करें. क्योंकि, पुलिस इस पर सख्त एक्शन ले सकती है. गाड़ी में अवैध रूप से भारी साउंड सिस्टम लगाना या अल्टरेशन करना भी मोटर वाहन अधिनियम के तहत गैर-कानूनी है जिसके लिए अतिरिक्त चालान काटा जा सकता है.
इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप तेज म्यूजिक के चालान से बचना चाहते हैं तो आपको कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखना होगा. जिसमें सबसे पहली बात हमेशा अपनी कार का वॉल्यूम उतना ही रखें जिससे अंदर का गाना बाहर तक न सुनाई दे.
वहीं, दूसरी बात जब भी म्यूजिक बजाएं अपनी गाड़ी के शीशे को बंद रखें ताकि आवाज बाहर लोगों को परेशान न करे. जबकि हमेशा साइलेंस जोन से गुजरते समय संगीत बंद कर दें या वॉल्यूम एकदम धीमा कर लें.
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