मध्य प्रदेश में यूसीसी लागू होने के बाद भोपाल में मुस्लिम समाज ने यादगार-ए-शाहजहानी पार्क में धरना दिया। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कानून को कोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया और आरोप लगाया कि यूसीसी मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाता है।
UCC के विरोध में भोपाल में मुस्लिम समाज का धरना
- Published: 22 Jul 2026, 09:48 AM IST
- Last Updated: 22 Jul 2026, 09:48 AM IST
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा से समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित होने के बाद राजधानी भोपाल में इसका विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को भोपाल के यादगार-ए-शाहजहानी पार्क में मुस्लिम समाज और कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने यूसीसी को वापस लेने की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
धरने को संबोधित करते हुए भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि वे यूसीसी को स्वीकार नहीं करेंगे और इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि इस कानून को कानूनी रूप से चुनौती दी जाएगी और संविधान के दायरे में रहकर लड़ाई लड़ी जाएगी।
मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने का उद्देश्य
आरिफ मसूद ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश सरकार ने यह कानून मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने के उद्देश्य से लागू किया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में "एक देश, एक कानून" की बात करती है, तो किसी भी समुदाय को इसके दायरे से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए। उनका तर्क था कि जब कुछ वर्गों को यूसीसी से छूट दी गई है, तब समान कानून का दावा सवालों के घेरे में आता है।
विधायक ने कहा कि विरोध केवल धरने तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा और विभिन्न जिलों में भी विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
यूसीसी को वापस लेने की मांग
मध्य प्रदेश में पारित यूसीसी कानून में विवाह, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप, संपत्ति और वसीयत जैसे मामलों के लिए समान कानूनी प्रावधान किए गए हैं। कानून में एक से अधिक विवाह पर रोक, लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण और कुछ अन्य सामाजिक प्रथाओं से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं।
धरना स्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने सरकार से यूसीसी को वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
वहीं, प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और पूरे कार्यक्रम पर निगरानी रखी गई।
इस बीच कुछ मुस्लिम संगठनों और धर्मगुरुओं ने भी यूसीसी पर आपत्ति जताते हुए सरकार से पुनर्विचार की मांग की है। भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को अपनी धार्मिक मान्यताओं और व्यक्तिगत कानूनों के अनुसार जीवन जीने का अधिकार देता है।