पंजाब में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन के तहत ऑब्जेक्शन व नए वोटर रजिस्ट्रेशन के आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि आज है। चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि अगर उन्हें ड्राफ्ट मतदाता सूची पर कोई ऑब्जेक्शन है तो आज ही सब्मिट करवा दें।
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इसके अलावा अगर किसी फर्स्ट टाइम वोटर की उम्र 1 अक्टूबर 2026 तक 18 साल पूरी हो रही है तो वो भी अपना नाम वोटर सूची में शामिल करवाने के लिए आज ही आवेदन कर दें। आज आवेदन करने वालों का नाम ही फाइनल मतदाता सूची में शामिल हो सकेगा।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी मतदाता को कोई नोटिस जारी हुआ है और उसके जवाब में या दस्तावेज सत्यापन के दौरान कोई झूठी, फर्जी या मनगढ़ंत जानकारी दी जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी दी तो होगी जेल
अगर वोट बनवाने के लिए किसी व्यक्ति ने बीएलओ, एआरओ और ईआरओ को गलत जानकारी दी तो उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 217 के तहत एफआईआर दर्ज हो सकती है। झूठी जानकारी देने वाले को 1 साल की जेल, ₹10,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, कटवाने या संशोधन के लिए झूठा हलफनामा/घोषणा पत्र देने पर 1 साल तक की सजा या जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। जमा कराए गए सभी दस्तावेजों को संबंधित विभागों के माध्यम से क्रॉस-वेरीफाई कराया जाएगा। यदि जांच में दस्तावेज फर्जी, मनगढ़ंत या जाली पाए गए तो सीधे आपराधिक मामला दर्ज होगा।

बीएलओ नोटिस दे तो घबराएं नहीं चुनाव आयोग की तरफ से अनमैप्ड वोटर्स को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। एआरओ या बीएलओ की तरफ से नोटिस अगले कुछ दिनों तक आते रहेंगे। पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने वोटर्स से अपील की है कि वे नोटिस से घबराएं नहीं। तय दस्तावेज जमा कराकर अपनी वोट मैप करवा सकते हैं। वोट मैप करवाने के लिए जन्म वर्ष के आधार पर अलग-अलग दस्तावेज जमा करने होंगे। अगर किसी वोटर का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में है, लेकिन फिर भी उसकी वोट मैप नहीं हुई है, तो इसका कारण नाम या अन्य विवरण में गलती हो सकती है। ऐसे वोटर्स को भी विभाग की ओर से नोटिस भेजे जा रहे हैं और उन्हें जन्म वर्ष के हिसाब से जरूरी दस्तावेज जमा कराने होंगे।

किस ऐज ग्रुप को क्या-क्या दस्तावेज देने होंगे जानिए…
- 1 जुलाई 1987 से पहले जन्म लेने वाले मतदाता: ERO द्वारा दस्तावेज की मांग की जाती है, तो इस श्रेणी के मतदाताओं को अपनी जन्मतिथि या जन्मस्थान साबित करने के लिए नाम का केवल 1 आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। उदाहरण के रूप में जन्म प्रमाणपत्र, भारतीय पासपोर्ट या मान्यता प्राप्त बोर्ड से जारी मैट्रिक/शैक्षणिक प्रमाणपत्र दिया जा सकता है।
- 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म लेने वाले मतदाता: इस आयु वर्ग में आने वाले नागरिकों को सत्यापन के लिए कुल 2 दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। इसमें से एक दस्तावेज स्वयं मतदाता का और दूसरा दस्तावेज उनके माता या पिता में से किसी एक का होना अनिवार्य है।
- 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म लेने वाले मतदाता: इस श्रेणी के युवा मतदाताओं को अपनी पात्रता साबित करने के लिए कुल 3 दस्तावेज जमा करने होंगे। इसमें पहला दस्तावेज स्वयं मतदाता का, दूसरा उनके पिता का और तीसरा उनकी माता का होना आवश्यक है।
- 2003 की वोटर लिस्ट में नाम होने पर बड़ी राहत: यदि आपका या आपके माता-पिता का नाम 1 जनवरी 2003 की पुरानी मतदाता सूची में दर्ज है, तो यह SIR प्रक्रिया में सबसे मजबूत साक्ष्य माना जाता है। आयोग के नियमों के अनुसार, 2003 के रिकॉर्ड में नाम मिलने पर उसी आधार पर मैपिंग पूरी कर ली जाती है। मतदाता को माता-पिता से जुड़े अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने से छूट मिल सकती है। इसीलिए पंजाब के सभी मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे सबसे पहले CEO पंजाब की वेबसाइट पर जाकर "Search in Last SIR 2003" विकल्प का उपयोग करें।