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Shraddha Singh कौन हैं? CJP प्रोटेस्ट में रील बनाने पर रेप-हत्या की धमकी, बोलीं- 'घर से निकलने में डर लगता है'

August 2, 2026

Time Published: Sunday, August 2, 2026, 19:11 [IST]

NEET Paper Leak को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP (Cockroach Janata Party) विरोध प्रदर्शन में कई कंटेंट क्रिएटर सुर्खियों में छा गए। इसमें सबसे ज्यादा ध्यान 'श्रद्धा सिंह' ने अपनी ओर खींचा। जिन्होंने रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को 'नीला टॉयलेट' के लिए बताया और बुरी तरह ट्रोल हो गई।

रील वायरल होने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग, अभद्र टिप्पणियों और कथित तौर पर रेप व हत्या की धमकियों का सामना करना पड़ा। अब श्रद्धा का कहना है कि वह पिछले कई दिनों से घर से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रही हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ऑनलाइन ट्रोलिंग और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की है। आइए विस्तार से जानते हैं कि श्रद्धा सिंह कौन हैं? कैसी धमकियों से गुजर रहीं...

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Who Is Shraddha Singh: कौन हैं श्रद्धा सिंह?

23 वर्षीय श्रद्धा सिंह सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएटर और योगा इंस्ट्रक्टर के रूप में सक्रिय हैं। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 3.75 लाख फॉलोअर्स बताए जाते हैं। वह फिटनेस, योग और लाइफस्टाइल से जुड़े वीडियो पोस्ट करती रही हैं। हालांकि, हाल में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन से जुड़ा उनका एक वीडियो वायरल होने के बाद वह विवादों में आ गईं।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

दिल्ली में संसद मार्च और CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान तैनात थे। इसी दौरान श्रद्धा सिंह ने लाल रंग के कपड़े पहनकर एक वायरल ऑडियो पर रील बनाई। वीडियो में जैसे ही ऑडियो में 'नीला वाला...' शब्द आता है, वह पास खड़े नीली वर्दी पहने RAF जवानों की ओर इशारा करती हैं। इसके बाद 'लाल वाला...' लाइन आने पर वह खुद की ओर इशारा करती हैं।

श्रद्धा के मुताबिक, उनके दिमाग में एक पुराने हार्पिक विज्ञापन का संदर्भ आया था और उन्होंने इसे सिर्फ मनोरंजन के मकसद से बनाया था। लेकिन वीडियो वायरल होते ही कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे RAF की वर्दी और सुरक्षाबलों का मजाक बताते हुए आलोचना शुरू कर दी।

एक घंटे में वीडियो हटाया, फिर भी नहीं थमा विवाद

बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में श्रद्धा का कहना है कि उन्हें जैसे ही लगा कि वीडियो गलत तरीके से लिया जा रहा है, उन्होंने करीब एक घंटे के भीतर इसे डिलीट कर दिया। उनका आरोप है कि इसके बाद कई मीम पेजों ने वीडियो डाउनलोड कर अलग-अलग दावों के साथ शेयर करना शुरू कर दिया। उनके अनुसार, कुछ पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेना के खिलाफ अपमानजनक बातें कही हैं, जबकि ऐसा उन्होंने कभी नहीं कहा। श्रद्धा का कहना है कि वीडियो के साथ गलत दावे जोड़कर उसे वायरल किया गया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

ट्रोलिंग से रेप और हत्या की धमकियों तक

श्रद्धा सिंह का दावा है कि विवाद बढ़ने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर हजारों अभद्र संदेश मिलने लगे। उनका कहना है कि उन्हें रेप की धमकियां दी गईं और कई लोगों ने हत्या की धमकी भी दी। उनके मुताबिक, कुछ लोगों ने लिखा कि जहां मिलोगी, वहीं रेप कर देंगे। कई यूजर्स ने उनके चरित्र पर भी अभद्र टिप्पणियां कीं। श्रद्धा कहती हैं कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि लोग वीडियो देखकर आगे बढ़ जाएंगे, लेकिन मामला लगातार बढ़ता गया और अब स्थिति यह है कि उन्हें घर से बाहर निकलने में भी डर लगने लगा है।

परिवार भी बना निशाना, मां को गंदी गंदी गालियां

श्रद्धा ने कहा कि ट्रोलिंग सिर्फ उनके तक सीमित नहीं रही। सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके माता-पिता को भी निशाना बनाया। उनके मुताबिक, उनकी मां एक मरीज हैं और छोटी-छोटी बातों से घबरा जाती हैं। ट्रोल्स ने उनकी मां के सोशल मीडिया अकाउंट पर जाकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं और यहां तक लिखा कि 'ऐसी बेटी होने से अच्छा है मर जाओ।' श्रद्धा का कहना है कि लगातार हो रही अभद्र टिप्पणियों के कारण उनकी मां को अपना सोशल मीडिया अकाउंट बंद करना पड़ा।

योगा करियर पर भी पड़ा असर

श्रद्धा का कहना है कि वह पेशे से योगा इंस्ट्रक्टर भी हैं। विवाद के बाद उनके योग से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट पर भी बड़ी संख्या में आपत्तिजनक टिप्पणियां आने लगीं। उनका दावा है कि कई क्लाइंट्स ने उनसे दूरी बना ली, जिससे उनके पेशेवर काम पर भी असर पड़ा।

अमित शाह को लेकर बनाया वीडियो, खतरे में पड़ी!

श्रद्धा ने बताया कि असम में बाढ़ को लेकर अमित शाह के पुराने बयान का एक वीडियो साझा करने के बाद उनका सोशल मीडिया अकाउंट कुछ समय के लिए सस्पेंड हो गया था। वीडियो 2021 का था। वीडियो में अमित शाह बोल रहे थे कि 5 साल में असम का ऐसा परिवर्तन कर देंगे, जिससे वहां आने वाली बाढ़ 2026 तक नहीं आएगी।

प्रधानमंत्री मोदी से क्या अपील की?

श्रद्धा सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ऑनलाइन ट्रोलिंग और महिलाओं के खिलाफ होने वाली अभद्र भाषा पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा तभी सार्थक होगा, जब इंटरनेट पर भी महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिलेगा। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ जिस स्तर की भाषा इस्तेमाल की जाती है, उस पर भी गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।

विवाद पर श्रद्धा की सफाई

श्रद्धा सिंह का कहना है कि उन्होंने जानबूझकर किसी सुरक्षाबल या संस्था का अपमान नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को उनका वीडियो गलत लगा, तो उन्होंने उसे तुरंत हटा भी दिया था। उनका आरोप है कि बाद में मीम पेजों और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स ने वीडियो को अलग संदर्भ में वायरल कर दिया, जिससे विवाद बढ़ गया।

उन्होंने यह भी कहा कि गलती होने पर आलोचना स्वीकार की जा सकती है, लेकिन किसी महिला को रेप और हत्या की धमकी देना या उसके परिवार को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं कहा जा सकता।