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Rajasthan: 20 साल बाद खुला पांचना बांध का बंद रास्ता! टेस्ट रन से नहरों, नदी और लिफ्ट परियोजना में दौड़ा पानी

July 17, 2026

जिले के किसानों के लिए गुरुवार ऐतिहासिक दिन साबित हुआ। करीब 20 वर्षों से तकनीकी विवाद और बाधाओं से जूझ रहे पांचना बांध के स्लूस गेटों की मरम्मत के बाद नहरों, नदी और गुडला-पहुंचना लिफ्ट परियोजना में सफलतापूर्वक पानी छोड़कर टेस्ट रन किया गया। प्रशासन और किसानों की मौजूदगी में हुए इस सफल परीक्षण के बाद सिंचाई व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद मजबूत हो गई है।



अधिकारियों और किसानों की मौजूदगी में सफल टेस्ट रन


करौली के पांचना बांध पर गुरुवार को संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया, अतिरिक्त मुख्य अभियंता (जल संसाधन विभाग) डी.के. अग्रवाल, जिला कलक्टर अक्षय गोदारा, पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, सवाई माधोपुर जिला कलक्टर कानाराम तथा कमांड एरिया के किसान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में स्लूस गेटों की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद गुडला-पटना संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धावाई की उपस्थिति में गेट खोले गए और कमांड एरिया की नहरों, नदी प्रवाह क्षेत्र तथा गुडला-पहुंचना लिफ्ट परियोजना की नहरों में पानी छोड़कर सफल टेस्ट रन किया गया।

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6 जुलाई को आई थी तकनीकी बाधा


गौरतलब है कि 6 जुलाई को 20 वर्ष बाद बांध से पानी छोड़ा गया था, लेकिन स्लूस गेटों की तकनीकी खराबी के कारण पर्याप्त जल निकासी नहीं हो सकी थी। इससे किसानों ने आंदोलन किया और जाम लगाया था। बाद में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के आश्वासन पर विशेषज्ञ तकनीशियनों और डाइवर्स ने गेटों की मरम्मत की।

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किसानों ने जताई बड़ी उम्मीद


ग्राम उत्थान समिति के अध्यक्ष रघुवीर मीणा ने कहा कि नियमित जलापूर्ति शुरू होने से क्षेत्र में हर साल करोड़ों रुपये के कृषि कारोबार में वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने स्लूस गेटों को मोटराइज्ड और स्वचालित (ऑटोमेटेड) करने की मांग भी उठाई तथा सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।



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20 साल पुराने विवाद के समाधान की ओर बड़ा कदम


संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया ने बताया कि तकनीकी खामियां पूरी तरह दूर कर दी गई हैं। सफल टेस्ट रन के साथ कमांड एरिया, नदी प्रवाह क्षेत्र तथा लिफ्ट परियोजना से जुड़े किसानों तक पानी पहुंच गया है। इसके साथ ही करीब 20 वर्षों से चला आ रहा विवाद समाप्त होने की दिशा में बड़ा समाधान सामने आया है और प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।