Ram Mandir Security: राम मंदिर में चंदा चोरी विवाद के बाद सुरक्षा पर बड़ा फैसला हुआ है. सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव करते हुए मंदिर सुरक्षा में तैनात UPSSF के पदों को स्थायी कर दिया है. चंदा चोरी के बाद सुरक्षा पर यह बड़ा फैसला माना जा रहा है.
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है. इसी के तहत मंदिर की सुरक्षा में तैनात UPSSF के 1,155 अस्थायी पदों को अब स्थायी कर दिया गया है. फिलहाल राम मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ, यूपीएसएसएफ, उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी और निजी सुरक्षा कर्मियों की संयुक्त टीम संभाल रही है.
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इन पदों को किया गया स्थायी
राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को स्थायी रूप देने के लिए सरकार ने UPSSF के विभिन्न पदों को नियमित कर दिया है। इनमें सेनानायक से लेकर उप सेनानायक, सहायक सेनानायक, दलनायक, उप निरीक्षक, मुख्य आरक्षी, आरक्षी, आरक्षी चालक, चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट, रेडियो निरीक्षक, प्रधान परिचालक, सहायक परिचालक, कार्यशाला सहायक समेत कई अन्य पद शामिल हैं। इससे मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
क्या है UPSSF?
UPSSF (उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल) उत्तर प्रदेश सरकार का एक विशेष सुरक्षा बल है, जिसे सितंबर 2020 में बनाया गया था. इसका काम राज्य के संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा करना है. यह बल अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि, जिला अदालतों, लखनऊ, कानपुर, आगरा और नोएडा की मेट्रो सेवाओं, हवाई अड्डों और अन्य अहम सरकारी व औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है. इसे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तर्ज पर तैयार किया गया है और इसका मुख्यालय लखनऊ में है.
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कैसे होती है राम मंदिर की सुरक्षा?
राम मंदिर देश के सबसे सुरक्षित धार्मिक स्थलों में से एक है. इसकी सुरक्षा तीन स्तरों पर की गई है, ताकि किसी भी खतरे से तुरंत निपटा जा सके. मंदिर के गर्भगृह से लेकर बाहरी परिसर और अयोध्या आने वाले सभी प्रमुख रास्तों तक यूपी पुलिस, पीएसी और यूपीएसएसएफ के जवान 24 घंटे तैनात रहते हैं. इसके अलावा पूरे परिसर में एआई आधारित हाई-टेक कैमरे, आधुनिक निगरानी प्रणाली और कड़ी जांच व्यवस्था लागू है, जिससे हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाती है.
AI से लैस हैं CCTV
राम मंदिर की सुरक्षा में आधुनिक तकनीक का भी पूरा इस्तेमाल किया गया है. पूरे मंदिर परिसर और अयोध्या धाम में एआई (AI) से लैस सीसीटीवी कैमरे और वॉच टावर लगाए गए हैं, जिनसे हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर रखी जाती है. श्रद्धालुओं को प्रवेश से पहले मेटल डिटेक्टर और बैग स्कैनर से गुजरना होता है. सुरक्षा के लिए यूपीएसएसएफ के एक हजार से अधिक जवानों के साथ सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी तैनात रहते हैं. किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए बम निरोधक दस्ता (BDDS) और एंटी-सबोटेज टीमें हमेशा अलर्ट रहती हैं और समय-समय पर मॉक ड्रिल भी की जाती है.