world-news

तेजप्रताप यादव को नहीं मिली राहत, बेऊर जेल में ही कटेगी रात; बेल अर्जी पर फैसला सुरक्षित - Haribhoomi

July 28, 2026

तेजप्रताप यादव को नहीं मिली राहत, बेऊर जेल में ही कटेगी रात; बेल अर्जी पर फैसला सुरक्षित

लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव की जमानत अर्जी पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। पुलिस की हत्या की कोशिश और हिंसा के मामले में वे फिलहाल बेऊर जेल में बंद हैं।

tej pratap yadav bail plea

तेजप्रताप यादव की जमानत अर्जी पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

  • Published: 28 Jul 2026, 03:03 PM IST
  • Last Updated: 28 Jul 2026, 03:03 PM IST

Tej Pratap Yadav: लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के सुप्रीमो तेजप्रताप यादव को फिलहाल जेल से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। पुलिस पर हमला और हत्या के प्रयास के गंभीर मामलों में घिरे तेजप्रताप की नियमित जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई पूरी हो गई, लेकिन अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

अदतालत में हुई सुनवाई, सुरक्षित रखा गया आदेश
अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी आरती उपाध्याय की अदालत में बेऊर जेल में बंद पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव और छात्र अभय आत्मन सिंह की नियमित जमानत अर्जी पर सोमवार को लंबी सुनवाई हुई। वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अदालत में तर्क दिया कि पुलिस अधिकारियों ने राजनीतिक रंजिश और विरोध के चलते इस मामले में झूठा केस दर्ज कर तेजप्रताप को गिरफ्तार किया है। उन्होंने अपने मुवक्किल को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए उन्हें नियमित जमानत पर रिहा करने की जोरदार मांग की। वहीं, दूसरी ओर सरकारी वकील ने अदालत में जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया।

गांधी मैदान थाने में दर्ज हुआ है गंभीर धाराओं में केस
पटना पुलिस के गांधी मैदान थाना अधिकारियों ने पूर्व विधायक तेजप्रताप यादव और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिसकर्मियों की हत्या का प्रयास करने समेत कई गंभीर आपराधिक धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का दावा है कि इस हिंसक घटना में गांधी मैदान थाना अध्यक्ष समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं।

गांधी मैदान थाने में पटना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1), 121(1), 121(2) और 132 के तहत कांड संख्या 400/2026 दर्ज किया है। तेजप्रताप के वकीलों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि उन्हें कई घंटे पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि उनके खिलाफ प्राथमिकी रविवार की रात करीब 12 बजकर 50 मिनट पर दर्ज की गई।

क्या है पूरा मामला
तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकारी कर्मचारियों के कार्यों में बल प्रयोग कर बाधा डालने और हत्या का प्रयास करने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।

वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में 25 जुलाई को बिहार बंद बुलाया गया था। इसी बंद का समर्थन करने और प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में पुलिस ने शनिवार को तेजप्रताप यादव को गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान पटना के अलावा सारण, सिवान, औरंगाबाद और भागलपुर में प्रदर्शन काफी हिंसक हो गए थे। फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत उन्हें बेऊर केंद्रीय कारागार में रखा गया है।

संदीप सौरभ समेत अन्य नेताओं की अर्जी पर 1 अगस्त को होगी सुनवाई
दूसरी ओर, पटना सिविल कोर्ट के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार उपाध्याय ने विधायक संदीप सौरभ समेत एक दर्जन अन्य नेताओं और छात्रों की नियमित जमानत अर्जी पर भी सुनवाई की।

अदालत ने इस मामले में पुलिस से सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास और जख्म प्रतिवेदन की रिपोर्ट मांगी है। अब इन सभी नेताओं और छात्रों की जमानत अर्जी पर आगामी 1 अगस्त को सुनवाई की जाएगी।