मुंबई, अभिनेत्री पवित्रा पुनिया ने लोगों को सभी धर्मों का सम्मान करने और देश में एकता बनाए रखने कि अपील की। साथ ही, उन्होंने भारत में चल रहे विरोध-प्रदर्शन से बिजनेस पर पड़ रहे असर और जेन जी पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के प्रभाव को लेकर चिंता जताई है।
अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि फेस्टिव सीजन के दौरान 3000 करोड़ के नुकसान की खबरें आ रही हैं लेकिन लोग बिना किसी जानकारी के इस तरह की खबरें सुनकर मजाक उड़ाते हैं।
वीडियो में वह कहती हैं, "पहली बार ही मैंने विरोध-प्रदर्शन को गलत बताया था और कहा था कि मैं इसके खिलाफ हूं। अब सभी ने अपडेट देखा होगा कि इस विरोध से बाजार और बिजनेस पर किस तरह का असर पड़ा है। मुझे लगता है कि जो आंकड़ा बताया गया है, वो त्योहार के दौरान 3000 करोड़ रुपये के नुकसान का है। उस समय लोगों ने बहुत मजाक उड़ाया था और उन्हें पता था कि किसी बात का जवाब कैसे देना है।"
उन्होंने आगे कहा, "आप लोगों को इस बात को गंभीरता से लेना होगा। अगर आप उन लोगों को देख पा रहे हैं, जो दो वक्त की रोटी के संघर्ष कर रहे हैं, तो क्या आपको लगता है कि आप देश को बचाने या उसके लिए अच्छा करने की दिशा में काम कर रहे हैं? आपने जहां से शुरुआत की थी, यह वह जगह नहीं है।"
अभिनेत्री ने देश की आर्थिक स्थिति और चुनौतियों पर जोर देते हुए कहा, "अगली बार किसी भी वीडियो पर हंसने से पहले समझिएगा कि अगर मैंने कहा है कि आने वाले समय में देश को आर्थिक समस्या और दूसरी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, तो उसके पीछे कोई वजह है। सोचिए, समझिए, बहस कीजिए और फिर कुछ बोलिए। मुझे जेन जी के लिए बहुत बुरा लगता है, क्योंकि कैसे लोग मनगढ़ंत बातें बोलकर ब्रेनवॉश कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "इन लोगों ने पहले ही जेन जी का भविष्य बर्बाद कर दिया है और देखिए उनका दिमाग कितना तेज है, वे कितने इंटेलिजेंट हैं। वे जानते हैं कि सनातन क्या है और दुनिया भर में हो रही हर घटना के बारे में जानते हैं। फिर भी वे इन बातों से प्रभावित हो जाते हैं। यह बहुत दुखद है। चलो जेन जी को प्रभावित करना बंद करो, असल में इन्फ्लुएंसर्स को।"
पवित्रा पुनिया ने जेन जी लोगों की बातों में न आने की अपील की। उन्होंने कहा, "मैं एक गर्वित हिंदू हूं। मुझे मुसलमानों से बहुत सारे कमेंट्स मिले। उनसे मैं कहना चाहती हूं कि आप लोगों से मुझे कोई परेशानी नहीं है। इस देश में बांटो और राज करो का विचार कुछ लोगों द्वारा लाया गया था। हम बांटो और राज करो में विश्वास नहीं करते। आज मेरे मोहल्ले में बहुत सारे मुस्लिम रहते हैं और हम सब मिलकर साथ रहते हैं। कोई किसी के घर मारपीट करने नहीं जाता। मैं बस यही कहना चाहती हूं कि अपने धर्म से प्यार करो और दूसरे के धर्म का सम्मान करो। यह एकता के बंधन में बंधा देश है और इसे ऐसा ही रहने दें।"