नौकरी छोड़कर साइबर अपराधी बन बैठा फौजी:ट्रैक्टर चालक भी ठगी के गोरखधंधे में शामिल, साइबर ठगों ने जमीन
पटना33 मिनट पहले
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आलीशान मकान और लग्जरी गाड़ियों में खपाया ठगी का पैसा, जब्ती की तैयारी
आम लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ाने वाले साइबर अपराधी अब केवल मोबाइल और लैपटॉप तक सीमित नहीं हैं। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) और 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होते ही बैंक खातों के फ्रीज होने के डर से सिंडिकेट ने मनी लॉन्ड्रिंग का नया फॉर्मूला निकाल लिया है।
ठगी के पैसों को बैंक में रखने के बजाय सीधे देहात की जमीनों, आलीशान मकानों और लग्जरी गाड़ियों में खपाया जा रहा है। नवादा, पटना और गया में दर्ज मुकदमों की केस डायरी, स्वीकारोक्ति बयानों और पुलिस जब्ती सूचियों की पड़ताल में इसका चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। साइबर अपराध से होने वाली इस अकूत कमाई में ट्रैक्टर चालक से लेकर पूर्व सैनिक तक शामिल हैं। ऐसे साइबर अपराधियों पर संगठित अपराध की धाराओं के तहत अब कार्रवाई हो रही है। पुलिस ऐसे ठगों की संपत्ति का आकलन कर रही है। इसके बाद जब्ती की कार्रवाई होगी।
चालक से ठग बने जितेंद्र ने 6.60 लाख कैश देकर खरीदी 88 डिसमिल जमीन नवादा के साइबर शातिरों के एक गिरोह को पिछले दिनों पटना में गिरफ्तार किया गया। डोमिनोज की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर ठगी कर इस गिरोह ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। इसी गिरोह का फरार शातिर जितेंद्र साव है, जिसे नवादा पुलिस 2023 में जेल भेज चुकी है। जितेंद्र पहले सिर्फ ट्रैक्टर चलाता था। जब वह भंडाजोर के साइबर गिरोह से जुड़ा और उसे अवैध वसूली में 40% की पार्टनरशिप मिली, तो उसने काली कमाई को बैंकों में रखने के बजाय सीधे प्रॉपर्टी में लगा दिया। जितेंद्र ने 88 डिसमिल जमीन 6.60 लाख कैश देकर खरीदी थी।
टूरिस्ट हब में निवेश : पूर्व जवान ने राजगीर और बिहारशरीफ में खरीदे 78 लाख के प्लॉट बीएनएसएस की धारा 107 के तहत संपत्ति जब्ती की तैयारी साइबर अपराधियों द्वारा अर्जित इन संपत्तियों को लेकर अब पुलिस मुख्यालय भी सख्त हो गया है। ईओयू और साइबर थानों ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत इन तमाम अवैध चल-अचल संपत्तियों को चिन्हित कर न्यायालय के माध्यम से कुर्क और जब्त करने का प्रस्ताव तैयार किया है, ताकि अपराध की कमाई से खड़े किए गए रियल एस्टेट साम्राज्य को ध्वस्त किया जा सके।
राजीव कुमार नवादा का रहने वाला है और पूर्व सैनिक है। वह नौकरी से रिजाइन देकर साइबर अपराधी बना। नवादा पुलिस उसे जेल भेज चुकी है। जमानत पर बाहर आने के बाद अब पटना से वह गैंग ऑपरेट कर रहा है। उसने अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए पर्यटन केंद्र राजगीर और जिला मुख्यालय बिहारशरीफ के प्राइम लोकेशनों पर जमीनों के दो बड़े प्लॉट खरीदे। पुलिस आकलन के अनुसार, इन दोनों संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य करीब 78 लाख आंका गया है।
कोठी, सफारी और एक्सयूवी का शौक बख्तियारपुर का साइबर अपराधी अमन कुमार पटना और नवादा में दर्ज कई मामलों में नामजद है। अभी फरार चल रहा है। बख्तियारपुर में उसने 21.5 डिसमिटल जमीन खरीदी है। गांव में नया मकान बनाया है और उसके पास 20 लाख की टाटा सफारी भी है। इसके खिलाफ संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव कोर्ट को भेजा गया है। वहीं नवादा के मुफस्सिल थाना इलाके के चंदन और बादल सगे भाई हैं। ऑनलाइन लोन फ्रॉड के पैसों से गांव में आलीशान नवनिर्मित दोमंजिला मकान खड़ा किया और 6 अलग-अलग गाड़ियां खरीदीं। पिछले दिनों जिस सुधाकर को एसके पुरी थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उस पर 3 करोड़ की ठगी का आरोप है। इसी पैसे से उसने एक्सयूवी खरीदी और रियल इस्टेट में निवेश किया। वहीं एक्सिस बैंक के सेल्स स्टाफ संदीप कुमार ने भी लाखों की संपत्ति अर्जित की है।
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