प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों की नो-एंट्री! दिल्ली में पॉल्यूशन से निपटने के लिए क्या-क्या तैयारी?
Published: Friday, October 23, 2026, 16:30 [IST]
Delhi Pollution Crisis: दिल्ली में हवा की खराब होती स्थिति एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा रही है। राजधानी में प्रदूषण से जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति ऐसी रह सकती है कि धुआं और धूल लंबे समय तक हवा में जमा रहें। पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से उठने वाला धुआं भी दिल्ली की परेशानी बढ़ा सकता है।
इस बीच ट्रैफिक पुलिस ने प्रदूषण रोकने के लिए कई कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। खासतौर पर दूसरे राज्यों से आने वाली बसों और वाहनों पर नजर रखी जाएगी। नियम तोड़ने वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से पहले ही रोका जाएगा। इसके लिए सीमाओं पर संयुक्त टीमें तैनात करने और जांच बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
अगले पांच दिनों तक राहत मुश्किल
दिल्ली में अगले दो से तीन दिनों के दौरान प्रदूषण के स्तर में बड़ी कमी आने की संभावना नहीं है। अनुमान है कि राजधानी के प्रदूषण में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। वैज्ञानिक पत्रिका एनवायरमेंटल पोल्यूशन में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में प्रदूषण लगातार पांच दिनों तक हवा में जमा रह सकता है। जामिया, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के शोधकर्ताओं के इस अध्ययन में तापमान को एक प्रमुख कारण बताया गया है।
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बॉर्डर पर रोकी जाएंगी नियम तोड़ने वाली बसें
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने गुरुवार को पड़ोसी राज्यों की पुलिस और संबंधित एजेंसियों के साथ बैठक की। इसमें GRAP और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों को सख्ती से लागू करने पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता स्पेशल सीपी ट्रैफिक अजय चौधरी ने की। उन्होंने निर्देश दिया कि नियमों का पालन नहीं करने वाली अंतरराज्यीय और दूसरे शहरों से आने वाली बसों को दिल्ली में प्रवेश न दिया जाए।
ऐसी बसों को राजधानी के अंदर आने के बाद दूसरे रास्ते पर भेजने से जाम और प्रदूषण बढ़ सकता है। इसलिए इन्हें बॉर्डर से ही दूसरे रास्तों पर भेजा जाएगा।
किन बसों को मिलेगी एंट्री?
लागू नियमों के अनुसार, दिल्ली में इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस-6 मानक वाली डीजल बसों को प्रवेश की अनुमति है। इसके अलावा 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड वाहनों पर लागू प्रवेश प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। हालांकि, अधिसूचित छूट वाले वाहनों को नियमों के अनुसार राहत मिलेगी। दिल्ली की सीमाओं पर सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे, जिनमें प्रतिबंधित वाहनों के प्रवेश से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
संयुक्त टीमें करेंगी वाहनों की जांच
दिल्ली के बॉर्डर पर अलग-अलग एजेंसियों की संयुक्त टीमें तैनात की जाएंगी। ये टीमें वाहनों की जांच करने के साथ नो-एंट्री के समय का पालन सुनिश्चित करेंगी। तय रास्ते या गंतव्य से अलग चलने वाले और निर्धारित सीमा से ज्यादा सामान लादने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई होगी। इससे यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
निर्माण कार्यों की धूल पर भी सख्ती
दिल्ली में निर्माण और तोड़फोड़ के दौरान उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। निर्माण सामग्री को तय नियमों का उल्लंघन करके ले जाने वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी। नगर निकायों को निर्माण कार्य जल्द पूरा करने और धूल रोकने के उपाय अपनाने को कहा गया है। सड़कों और निर्माण स्थलों पर नियमित पानी का छिड़काव करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों का बनेगा व्हाट्सऐप ग्रुप
प्रदूषण रोकने के लिए काम करने वाली सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के उद्देश्य से एक व्हाट्सऐप ग्रुप तैयार किया जाएगा। इसमें संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। जांच, कार्रवाई और नए निर्देशों की जानकारी तुरंत साझा की जा सकेगी।
ट्रैफिक पुलिस के डीसीपी एसके सिंह के मुताबिक, बैठक का उद्देश्य प्रदूषण रोकने के लिए प्रभावी कदमों पर चर्चा करना था। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे जहां जरूरी हो, वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) रखें और दिल्ली में प्रवेश से जुड़े नियमों का पालन करें।
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