मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर विमान के अंदर से हिरासत में लिए जाने के बाद उनके माता-पिता ने नाराजगी जताई है। पिता भगवानराव दीपके और मां अनीता दीपके ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके बेटे ने ऐसा कौन-सा अपराध किया है, जिसके लिए उसे विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया। परिवार ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए अभिजीत के समर्थन में अपनी बात रखी।
‘मेरे बेटे ने क्या गुनाह किया?’ पिता ने उठाए सवाल
अभिजीत के पिता भगवानराव दीपके ने बेटे को हिरासत में लिए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले युवाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उनके मुताबिक, अभिजीत घर से निकलते समय बता गया था कि दिल्ली में उसे हिरासत में लिया जा सकता है।
भगवानराव ने बेटे और उसके साथियों को संदेश देते हुए कहा कि परिवार उनके साथ है और वे अपनी लड़ाई जारी रखें। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई के तरीके पर भी सवाल उठाए। उनके बयान में सरकार के प्रति नाराजगी साफ नजर आई।
पिता ने मौजूदा राजनीतिक हालात पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों को दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि देश की राजनीति एक ही पार्टी के प्रभुत्व की दिशा में बढ़ रही है। ये आरोप परिवार की ओर से लगाए गए हैं।
मां अनीता दीपके ने भी जताया दुख
अभिजीत की मां अनीता दीपके ने कहा कि उन्हें बेटे को हिरासत में लिए जाने की जानकारी टीवी और फोन कॉल के जरिए मिली। उन्होंने बताया कि अभिजीत ने घर से निकलते समय उन्हें टीवी और मोबाइल पर खबरें देखने से मना किया था, लेकिन बेटे को लेकर चिंता के कारण वह खुद को रोक नहीं सकीं।
अनीता दीपके ने भावुक होते हुए कहा कि विमान के अंदर इस तरह की कार्रवाई से उन्हें बहुत दुख पहुंचा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उनके बेटे ने ऐसा क्या किया था, जिसके लिए पुलिस को यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर उनके बच्चे को कुछ होता है, तो सरकार को जवाब देना होगा।
मां के मुताबिक, अभिजीत जब घर से दिल्ली के लिए निकला था, तब उन्होंने उसे रोते हुए विदा किया। उस समय बेटे ने उन्हें समझाया था कि चिंता न करें और जो होगा, अच्छे के लिए होगा।
जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए सीजेपी नेता
अभिजीत दीपके शनिवार, 10 अक्टूबर को मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। दिल्ली पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया। CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया गया।
CJP ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की थी। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
अभिजीत की हिरासत के बाद उनके माता-पिता के बयान ने इस मामले को भावनात्मक पहलू भी दे दिया है। जहां परिवार पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, वहीं प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं।