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भदोही का नाम बदलने की घोषणा पर सपा की सधी हुई प्रतिक्रिया, कांग्रेस ने दी नसीहत | IBC24

October 4, 2026

लखनऊ, चार अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के भदोही जिले का नाम बदलकर ‘संत रविदास नगर भदोही’ किए जाने की घोषणा पर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने सावधानीपूर्ण प्रतिक्रिया दी जबकि कांग्रेस ने भाजपा को सलाह दी कि जिन संतों के नाम पर शहरों का नाम रखा जा रहा है उनके दिखाए मार्ग और उपदेशों का भी पालन किया जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही में आयोजित एक कार्यक्रम में 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

इस दौरान उन्होंने भदोही जिले का नाम 'संत रविदास नगर भदोही' करने का ऐलान किया।

आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सरकार ने घोषणा की थी कि कालीन उद्योग के लिए प्रसिद्ध भदोही जिले को भविष्य में सतगुरु रविदास जी महाराज के नाम से जाना जाएगा।

भदोही पहले वाराणसी जिले का हिस्सा था और 30 जून 1994 को इसे प्रदेश का 65वां जिला बनाया गया था।

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता नवीन श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि यह ‘‘बिल्कुल सही कदम’’ है।

उन्होंने दावा किया कि ‘भदोही’ नाम का कोई ऐतिहासिक महत्व नहीं है, जबकि संत रविदास के प्रति लाखों लोगों की आस्था है।

श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्थानीय मुस्लिम समुदाय के दबाव में ‘भदोही’ नाम बहाल किया था। उन्होंने कहा कि जिन शहरों और स्थानों के नाम आक्रमणकारियों के नाम पर रखे गए हैं, उन्हें बदला जाना चाहिए।

वहीं, सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने इस मुद्दे पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी।

चौधरी ने कहा, ''यह प्रशासनिक मामला है। मैं क्या कह सकता हूं? समाजवादी पार्टी संत रविदास का सम्मान करती है।''

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री नाम बदलने के जरिये राजनीति करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि संतों के नाम पर शहरों का नाम रखना अच्छी बात है, लेकिन उनकी शिक्षा का भी सम्मान किया जाना चाहिए।

अवस्थी ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने पर भाजपा को दलितों में पूजनीय और सामाजिक जागरण के लिए जाने जाने वाले संतों की याद आती है।

उत्तर प्रदेश में इससे पहले इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फैजाबाद का नाम अयोध्या किया जा चुका है। वहीं, मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन किया गया था। हाल के वर्षों में अलीगढ़, बस्ती, गाजीपुर और कई अन्य स्थानों के नाम बदलने की मांग भी की गई है।

भाषा अरुणव सलीम जोहेब

जोहेब

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