न्यू चंडीगढ़, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। वेस्टइंडीज के विकेटकीपर-कप्तान शाई होप ने भारत के खिलाफ वनडे सीरीज के तीसरे मैच में 352 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए नाबाद 162 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। हेड कोच डेरेन सैमी ने कप्तान के शानदार नेतृत्व को जमकर सराहा है।
होप ने भारतीय पारी के दौरान पूरे 50 ओवर विकेटकीपिंग की और फिर चोटिल ज्वेल एंड्रयू की जगह ओपनिंग करने उतरे। उन्होंने नए पीसीए स्टेडियम में लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिर तक नाबाद रहकर वेस्टइंडीज को यादगार जीत दिलाई। इस तरह होप मैच के दौरान 98.2 ओवर मैदान पर टिके रहे।
रविवार को आईसीसी ने कोच सैमी के हवाले से कहा, "वह मैदान पर लगभग 98.2 ओवर तक रहे। आज उन्होंने सचमुच अपनी बल्लेबाजी से टीम को संभाला, जैसा कि वह पहले भी कई बार कर चुके हैं। कप्तान का आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभालना उनके लिए कोई नई बात नहीं है, लेकिन 50 ओवर तक विकेटकीपिंग करना और फिर पैड पहनकर ऐसी पारी खेलना वाकई खास था।"
हेड कोच को यह भी लगता है कि वेस्टइंडीज क्रिकेट में होप के योगदान को अक्सर वह पहचान नहीं मिलती जिसके वे हकदार हैं। "वह ज्यादा कुछ नहीं कहते, लेकिन जब वह बोलते हैं, तो वह बिल्कुल स्पष्ट होते हैं कि वह खुद से और टीम से क्या उम्मीद कर रहे हैं। जैसा कि मैंने कहा, वह अपने प्रदर्शन से टीम की अगुवाई करते हैं। वह इसी में यकीन रखते हैं।
उन्होंने कहा, "जैसे, किसी को ओपनिंग के लिए जाना था, और जब मैंने उनसे (ओपनिंग करने के लिए) कहा, तो उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा। उन्होंने बस अपने पैड पहने, मैदान पर उतरे और हमें मैच जिता दिया। मुझे नहीं लगता कि वेस्टइंडीज के लिए उन्होंने जो किया है, जिस तरह से वह खेले हैं और जो प्रतिबद्धता उन्होंने दिखाई है, उसके लिए उन्हें उतना श्रेय मिलता है जिसके वे हकदार हैं। बेहतरीन खिलाड़ी और शानदार इंसान।"
मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 से पहले इस सीरीज से मिली अहम सीखों पर बात करते हुए, सैमी ने कहा कि भले ही वेस्टइंडीज को क्वालीफायर खेलना पड़ सकता है, लेकिन बल्लेबाजी के नजरिए से कई सकारात्मक बातें सामने आईं।
उन्होंने कहा, "हम जानते थे कि भारत के पास कितनी काबिलियत है और हम वैसी टीम के विरुद्ध खुद को परखना चाहते थे। हमने दिखाया कि जब हम लंबे समय तक लगातार अच्छा खेलते हैं, तो दुनिया की नंबर-1 टीम का मुकाबला कर सकते हैं। हम इससे बहुत कुछ सीखेंगे। एक बल्लेबाज कम होने के बावजूद, हमें पता था कि ड्रेसिंग रूम में क्या बात हुई थी: बल्लेबाजों का शतक लगाना और देर तक टिककर खेलना। साझेदारियां बनाना और लगातार विकेट न गंवाना। जब हमने ऐसा किया, तो हमारे जीतने का बहुत अच्छा मौका बन गया। यहां स्कोर का बचाव करना बहुत मुश्किल है। आपको भरोसा होना चाहिए कि विरोधी टीम पिच पर जो भी स्कोर बनाए, आप भी उतना बना सकते हैं।"
--आईएएनएस
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