दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा में चूक, बिना इमिग्रेशन क्लीयरेंस के तीन विदेशी भारत से बाहर निकले; एयर इंडिया को नोटिस
दिल्ली एयरपोर्ट से बिना इमिग्रेशन क्लीयरेंस तीन इटैलियन पैसेंजर्स के भारत से बाहर निकल गए। इस केस में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सात दिनों के अंदर जवाब मांगा है.
दिल्ली एयरपोर्ट से बिना इमिग्रेशन क्लीयरेंस तीन इटैलियन पैसेंजर्स के भारत से बाहर निकल गए। इस केस में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सात दिनों के अंदर जवाब मांगा है.
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File Photo Photograph: (ANI)
दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ी सुरक्षा चूक देखने को मिली हैं. पता चला है कि बिना इमिग्रेशन क्लीयरेंस के 3 इटैलियन पैसेंजर्स भारत के बाहर निकल गए हैं. तीनों अमृतसर से एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे थे. इस पूरे मामले को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया के SOP के 5 प्रावधानों के उल्लंघन का जिक्र किया है. एअर इंडिया को इस दौरान कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है. मंत्रालय ने एयर इंडिया से सात दिन में जवाब मांगा.
गौरतलब है कि एयर इंडिया की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत बोर्डिंग पास को दो तरह बांटा गया है. घरेलू यात्रियों को लेकर ‘D’ और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए ‘I’ रखा गया है. मंत्रालय के अनुसार, इस मामले में अपनाई गई प्रक्रिया SOP के तहत नहीं थी. दिल्ली पहुंचने पर उन तीनों यात्रियों की पहचान अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के तौर पर होनी चाहिए थी. उन्हें घरेलू यात्रियों की भीड़ से अलग करके इमिग्रेशन की ओर भेजा जाना चाहिए था. इसके बजाय, उन्हें गेट 39 से ‘इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर एरिया’ में ले जाया गया.
इमिग्रेशन से गुजरे बिना फ्लाइट में सवार
यहां से वे डिपार्चर एरिया में गए और इमिग्रेशन चेकपॉइंट से गुजरे बिना ही लुफ्थांसा की फ्लाइट में सवार होकर निकल गए. मंत्रालय ने आगे जानकारी दी कि ये तीनों यात्री एयर इंडिया के ‘हब-एंड-स्पोक’ सिस्टम के तहत यात्रा कर रहे थे. इसमें यात्रियों को पहले छोटे एयरपोर्ट से एक बड़े हब एयरपोर्ट तक ले जाया जाता है. ये तीनों यात्री अमृतसर से दिल्ली आए थे. अमृतसर में, उन्हें एयर इंडिया की घरेलू फ्लाइट के लिए ‘D’ (घरेलू) बोर्डिंग पास जारी किए गए थे.
उन्हें अमृतसर में ही आगे की लुफ्थांसा फ्लाइट के लिए बोर्डिंग पास जारी किए गए. ये नियमों का उल्लंघन है. इसके बाद तीनों दिल्ली से लुफ्थांसा की फ्लाइट से म्यूनिख की ओर रवाना हो गए.
यात्रियों को अलग-अलग रखा जाना चाहिए था
मंत्रालय के अनुसार, तय नियमों के तहत यात्रियों को सिर्फ ‘D’ (घरेलू) और ‘I’ (अंतरराष्ट्रीय) कैटेगरी के पास मिलने चाहिए थे. दिल्ली पहुंचने पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अलग-अलग रखा जाना चाहिए था. मगर ऐसा नहीं हुआ. सिर्फ ‘I’ कैटेगरी के बोर्डिंग पास वाले यात्रियों को ही ‘इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर डेस्क’ तक पहुंचना चाहिए. इसके बाद भी ‘D’ कैटेगरी के बोर्डिंग पास वाले यात्री पहुंच गए. हब-एंड-स्पोक एयरपोर्ट पर 24 घंटे के लिए एक नोडल अधिकारी तैनात होना चाहिए था. इसके लेकर कई औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं. बिना अंतरराष्ट्रीय रवानगी वाले क्षेत्र में न पहुंचे, चौबीसों घंटे निगरानी करने वाली टीम की जरूरत थी, इस केस में निगरानी का सिस्टम नाकाम रहा.
बोर्डिंग पास किस लिए जारी किए गए
मंत्रालय के अनुसार, अमृतसर में यात्रियों को लुफ्थांसा के बोर्डिंग पास किस लिए जारी किए गए. मंत्रालय के अनुसार, ‘D’ कैटेगरी के तीन यात्री अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर एरिया तक किस तरह से पहुंचे. एयर इंडिया और SATS के किन कर्मचारियों ने उन्हें संभाला. उसने घटना के वक्त नोडल अफसर और निगरानी टीम के कहां होने और दिल्ली एयरपोर्ट पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का जरूरी मिलान वक्त पर क्यों नहीं हुआ, इस बारे में भी जानकारी मांगी.
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