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'असुरों और एंटी-नेशनल ताकतों से सावधान', सुवेंदु अधिकारी ने लेफ्ट पर बोला हमला

September 14, 2026

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को लोगों से “असुरों और एंटी-नेशनल ताकतों” से सावधान रहने की अपील की. उनका इशारा लेफ्ट पार्टियों की तरफ था. सुवेंदु अधिकारी ने सात्विक कल्चर को बचाने की भी अपील की, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि मई में राज्य में BJP के सत्ता में आने और TMC को हराने के बाद इसे “वापस पा लिया गया” है. मुख्यमंत्री ने शहर में गणेश पूजा का उद्घाटन करते हुए यह बात कही.

पीटीआई न्यूज के अनुसार सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “सुबह से ही मुझे बहुत गालियां मिल रही हैं, खासकर कम्युनिस्टों से, पूजा मनाने और पूजा शब्द का इस्तेमाल करने के लिए. मैं कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं को बताना चाहता हूं कि मैं विश्वकर्मा पूजा के दिन (राज्य सचिवालय) नबन्ना में पुष्पांजलि चढ़ाऊंगा. आइए, मेरे साथ जुड़िए.”

मुख्यमंत्री बार-बार लेफ्ट पार्टियों की आलोचना करते रहे हैं कि वे त्योहार के दौरान पंडालों के बाहर लगाए गए बुक स्टॉल पर “दुर्गा पूजा” नहीं, बल्कि “शरदोत्सव” लिखते हैं. अधिकारी ने कहा, “असुरों से सावधान रहना होगा, देश विरोधी ताकतों और टुकड़े-टुकड़े गैंग से दूर रहना होगा.”

बंगाल में सात्विक संस्कृति का नैरेटिव

भारत सेवाश्रम गणेश पूजा का उद्घाटन करते हुए, मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल को न सिर्फ देश की कल्चरल कैपिटल बल्कि “आध्यात्मिक जागृति की कैपिटल” बताया और इसके लोगों के बीच एकता की अपील की.

उन्होंने सनातनी धार्मिक निशानों का पुरजोर बचाव करते हुए कहा कि पुरुषों के लिए “तिलक”, “धोती” और “तुलसी”, और शादीशुदा महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला “शाखा”, “पोला” और “सिंदूर”, सुरक्षा और सम्मान के हकदार हैं, और हर सनातनी का कर्तव्य है कि वह उनकी गरिमा की रक्षा करे.

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि गणेश पूजा, हालांकि पारंपरिक रूप से महाराष्ट्र से जुड़ी है, हाल के सालों में बंगाली घरों में कोजागरी लक्ष्मी पूजा की तरह ही फैल गई है, और इसे “सनातनी” एकता की निशानी बताया.

बंगाल में टूट गई है भाषा की दीवार

उन्होंने कहा कि एक समय एक “दीवार” ने बंगाली बोलने वालों को गुजराती, बिहारी और हिंदी बोलने वाले समुदायों से अलग कर दिया था, और हिंदी बोलने वालों को बाहरी बताया था, लेकिन दावा किया कि वह दीवार अब टूट गई है.

बेहाला में एक और गणेश पूजा का उद्घाटन करते हुए, अधिकारी ने दावा किया कि पहले आयोजकों को गणेश पूजा के लिए कोर्ट की इजाजत लेनी पड़ती थी और कुछ लोगों पर भाषा के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया. अधिकारी ने कहा, “पश्चिम बंगाल में, हम सात्विक संस्कृति को वापस पाने में कामयाब रहे हैं, और अब इसे बचाना आपकी जिम्मेदारी है.”

उन्होंने कहा, “पहले, हमें पूजा करने के लिए कोर्ट की इजाज़त लेनी पड़ती थी. कुछ लोग हैं जिन्होंने हमें भाषा के नाम पर बांटने की कोशिश की.” अधिकारी ने बार-बार आरोप लगाया है कि राज्य में सनातनी हिंदुओं की परंपराओं और संस्कृति पर हमला हो रहा है, और दावा किया कि मौजूदा BJP सरकार बंगाली हिंदुओं की “विरासत और परंपराओं” को वापस लाना चाहती है.

पूजा में नॉन-वेज विवाद पर सुवेंदु ने कही ये बात

राज्य में दुर्गा पूजा के दौरान वेज और नॉन-वेज खाने को लेकर चल रहे विवाद पर, मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातनी जानते हैं कि किस समय क्या करना है?

उन्होंने कार्ल मार्क्स के मशहूर बयान: “धर्म लोगों की अफीम है” का जिक्र करते हुए कहा, “सनातनी जानते हैं कि कब वेज खाने के साथ रस्में निभानी हैं और कब देवी को मछली का भोग लगाना है. बंगाल को उन लोगों से सबक लेने की ज़रूरत नहीं है जिन्होंने सनातन धर्म को अफीम बताया था.”

उन्होंने लोगों से “पितृ पक्ष” के दौरान दुर्गा पूजा का उद्घाटन न करने की भी अपील की, यह एक ऐसा पखवाड़ा है जब हिंदू धर्म के लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर “पितृ पक्ष” के दौरान दुर्गा पूजा का उद्घाटन करने का आरोप लगाया गया था, जबकि देवी की पूजा अगले पखवाड़े, देवी पक्ष के दौरान की जाती है.

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अजय विद्यार्थी

अजय विद्यार्थी

कलकत्ता यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रैजुएशन. प्रभात खबर में बतौर सीनियर न्यूज़ एडिटर काम किया. ग्राउंड रिपोर्टिंग और एडिटिंग में करीब 20 सालों से ज्यादा का अनुभव. राजस्थान पत्रिका में चीफ रिपोर्टर रहने के दौरान कई ऐसी स्टोरी की, जिन्हें सराहा गया.

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