Patna News: बायोमेडिकल रिसर्च, स्वास्थ्य सेवाओं में नई तकनीक के विकास को बढ़ावा देने की दिशा में नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (NSMCH), अमहारा, बिहटा, पटना ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। NSMCH की क्लिनिकल रिसर्च एथिक्स कमेटी (CREC) और इन्क्यूबेशन सेंटर, । पटना के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस MoU पर CREC, NSMCH की सदस्य सचिव डॉ. स्वर्णिमा सिंह और IIT पटना के प्रो. पी. के. तिवारी ने हस्ताक्षर किए। इस सहयोग के माध्यम से डॉक्टरों, शोधकर्ताओं, इंजीनियरों, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को एक साथ काम करने का अवसर मिलेगा। इसका उद्देश्य नई बायोमेडिकल डिवाइस, जांच एवं डायग्नोस्टिक तकनीक, हेल्थकेयर सॉफ्टवेयर, डिजिटल हेल्थ समाधान तथा अन्य चिकित्सा नवाचारों को विकसित और उनका मूल्यांकन करना है।
इस साझेदारी से इनोवेटर्स को यह समझने में मदद मिलेगी कि अस्पतालों और मरीजों की वास्तविक जरूरतें क्या हैं। वहीं, यदि किसी शोध में मानव प्रतिभागियों या मरीजों से जुड़ी जानकारी का उपयोग किया जाता है, तो ऐसे शोध की उचित वैज्ञानिक और नैतिक समीक्षा लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी। इसमें सूचित सहमति (Informed Consent) और मरीजों की गोपनीयता (Confidentiality) का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
इस सहयोग की एक महत्वपूर्ण विशेषता NSMCH की क्लिनिकल रिसर्च एथिक्स कमेटी (CREC) है। CREC, NSMCH बिहार का पहला और एकमात्र मेडिकल कॉलेज एथिक्स कमेटी है, जिसे National Ethics Committee Registry for Biomedical and Health Research (NECRBHR), Department of Health Research (DHR), भारत सरकार, नई दिल्ली के साथ स्थायी पंजीकरण प्राप्त है।
NSMCH और IIT पटना के इन्क्यूबेशन सेंटर के ह MOU जिम्मेदार, मरीज केंद्रित और क्लिनिकल जरूरतों पर आधारित हेल्थकेयर इनोवेशन का मजबूत वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे चिकित्सा विशेषज्ञता, तकनीकी नवाचार और नैतिक शोध को एक साथ लाकर भविष्य की बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और नई चिकित्सा तकनीकों के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (NSMCH), अमहारा, विहटा, पटना स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर नए प्रयासों के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में कार्य कर रहा है।