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पहले नकली सोने का लालच, फिर ज्वैलरी लेकर फरार... ग्रेटर नोएडा में परिवार समेत 5 शातिर गिरफ्तार

August 14, 2026

ग्रेटर नोएडा की बिसरख कोतवाली पुलिस ने नकली सोना को असली बताकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है. पुलिस ने शुक्रवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए लोगों में चार पुरुष और एक महिला शामिल हैं. हैरानी की बात यह है कि गिरोह में एक दंपती और उनका बेटा भी शामिल था.

एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह के मुताबिक, 10 जुलाई को एक महिला फ्यूजन होम्स सोसाइटी की मार्केट में गई थीं. वहां एक व्यक्ति उनके पास आकर बैठ गया. कुछ देर बाद उसका साथी भी पहुंचा. उसने महिला को बताया कि उसके मालिक ने उसे नौकरी से निकाल दिया है और वह घर से काफी रुपये लेकर आया है.

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इसके बाद महिला के पास बैठे आरोपी ने दोनों मिलकर उसकी मदद करने और रकम आपस में बांट लेने की बात कही. महिला को भरोसे में लेने के लिए आरोपी ने अपनी सोने की अंगूठी देने की बात कही और बदले में उससे भी ज्वैलरी मांगी. झांसे में आई महिला ने अपनी गले की चेन और कानों के कुंडल आरोपियों को दे दिए. इसके बाद दोनों उसे गुमराह कर वहां से फरार हो गए.

CCTV और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

ठगी की शिकायत मिलने के बाद बिसरख पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की. आरोपियों तक पहुंचने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय खुफिया जानकारी का सहारा लिया गया. लगातार जांच के बाद पुलिस ने शुक्रवार को नेफोवा छठ घाट की ग्रीन बेल्ट से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फिरोजाबाद निवासी किशोर राय, विशाल राय, संजू राय, सेवा राम राय और मीना के रूप में हुई है. किशोर राय की उम्र 42 वर्ष, विशाल राय की 21 वर्ष, संजू राय की 30 वर्ष, सेवा राम राय की 60 वर्ष और मीना की 56 वर्ष बताई गई है.

जांच में सामने आया कि किशोर राय, सेवा राम राय और मीना आपस में परिवार के सदस्य हैं. किशोर राय, सेवा राम राय और मीना का बेटा है. सभी आरोपी मूल रूप से फिरोजाबाद के रहने वाले हैं और फिलहाल शाहबेरी इलाके में किराये के मकान में रह रहे थे.

कागज की गड्डी में ऊपर-नीचे असली नोट रखकर देते थे लालच

पूछताछ में मुख्य आरोपी किशोर राय और उसके साथियों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वे नकली सोने को असली बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे. गिरोह का तरीका केवल सोने तक सीमित नहीं था. आरोपी कागज की गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट लगाकर उसे रुपयों से भरी गड्डी बताते और लोगों को पैसे पाने का लालच देते थे.

इसके बाद विश्वास में आए लोगों से सोना, नकदी या ज्वैलरी लेने के बाद आरोपी वहां से निकल जाते थे. पुलिस को आरोपियों के पास से पीली धातु के मोतियों के दो गुच्छे मिले, जिनका कुल वजन 5 किलो 224 ग्राम बताया गया है. इसके अलावा पीली धातु के सिक्के भी बरामद किए गए, जिनका वजन 3 किलो 338 ग्राम है.

पुलिस ने कुल 8 किलो 562 ग्राम पीली धातु बरामद की है. इसके साथ तीन लाख रुपये नकद भी मिले हैं. आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग कंपनियों के 10 कीपैड मोबाइल, नौ मोबाइल बैटरियां और छह स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं. संजू राय के पास से एक अवैध चाकू भी मिला है.

पूरे परिवार ने मिलकर बनाया ठगी का नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक, गिरोह में परिवार के सदस्यों की भूमिका भी सामने आई है. दंपती और उनका बेटा मिलकर लोगों को विश्वास में लेने और ठगी की वारदात को अंजाम देने में शामिल थे. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने इससे पहले कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है.

जांच एजेंसियां आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही हैं. साथ ही अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज ठगी के मामलों से गिरफ्तार आरोपियों के संबंध की जांच की जा रही है. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के जरिए गिरोह से जुड़े अन्य मामलों का भी पता चल सकता है.

फिलहाल, पांचों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और पूर्व की वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है. बरामद मोबाइल, नकली सोने जैसी पीली धातु और अन्य सामान को जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है.

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