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What is a Mountain Avalanche
हाल ही में मशहूर माउंटेनियर Nirmal Purja उर्फ Nims Dai के निधन की खबर सामने आई। उन्होने मात्र 6 महीने और 6 दिन में दुनिया की 8,000 मीटर से ऊंची सभी 14 चोटियों को फतह करके ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था। 30 जुलाई को पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर चढ़ाई के दौरान एक एवलॉन्च की चपेट में आने से उनका निधन हो गया। जिसके बाद एक बार फिर माउंटेन एवलांच (Mountain Avalanche) चर्चा में है।
पहाड़ों पर चढ़ाई करने वाले लोगों के लिए एवलांच सबसे बड़े खतरों में से एक माना जाता है। कई बार मौसम सामान्य दिखाई देता है, लेकिन कुछ ही सेकंड में पहाड़ की ढलान से भारी मात्रा में बर्फ टूटकर नीचे आने लगती है। इसकी रफ्तार इतनी तेज होती है कि इंसान को संभलने का मौका तक नहीं मिलता। यही वजह है कि दुनिया के सबसे अनुभवी पर्वतारोही भी इससे बच नहीं पाते। अगर आपको भी पहाड़ो पर ट्रेकिंग करने का शौक है, तो आपको जरूर पता होना चाहिए कि, माउंटेन एवलांच क्या होता है और इससे बचाव कैसे हो सकता है।
माउंटेन एवलांच क्या होता है?
माउंटेन एवलांच का मतलब है पहाड़ की ढलान पर जमी बर्फ का अचानक बड़ी मात्रा में टूटकर तेज रफ्तार से नीचे आना। इसे आम भाषा में बर्फ का हिमस्खलन भी कहा जाता है। यह कुछ सेकंड में ही पूरी ढलान को अपनी चपेट में ले सकता है। बता दें कि, पहाड़ों पर बर्फ कई परतों में जमा होती रहती है। जब इन परतों का संतुलन बिगड़ जाता है, तो ऊपरी बर्फ टूटकर नीचे की ओर खिसकने लगती है। इसकी वजह भारी बर्फबारी, तापमान में बदलाव, तेज हवा, भूकंप या किसी पर्वतारोही की हलचल भी हो सकती है।
यह इतना खतरनाक क्यों होता है?
एवलांच की रफ्तार 80 से 300 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इतनी तेज गति से आने वाली बर्फ अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को बहा ले जाती है। इसके नीचे दबने पर सांस लेना मुश्किल हो जाता है और ऑक्सीजन की कमी जानलेवा साबित हो सकती है। एवलांच आने की पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन मौसम की जानकारी, बर्फ की स्थिति और ढलान की जानकारी लेकर खतरे का अनुमान लगाया जा सकता है।
अगर एवलांच आ जाए तो क्या करें?
अगर संभव हो तो तुरंत उसकी दिशा से हटने की कोशिश करें। किसी मजबूत जगह की ओर जाएं। अगर बर्फ में फंस जाएं तो चेहरे के सामने थोड़ी जगह बनाने की कोशिश करें ताकि सांस लेने में मदद मिले। बचाव कार्य हमेशा ट्रेन्ड टीम द्वारा किया जाना चाहिए।
ऊंचे पहाड़ अपनी खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं, लेकिन वहां का मौसम पलभर में बदल सकता है। इसलिए ट्रेकिंग या माउंटेनियरिंग पर जाने से पहले सही तैयारी, सेफ्टी गैजेट्स, ट्रेन्ड गाइड और मौसम की जानकारी बेहद जरूरी है।
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अवनी बागरोलाauthor
अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।
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