world-news

NGT के बैन के बाद भी खनन जारी: 389 कार्रवाई, 2.43 करोड़ जुर्माना, फिर भी सीहोर में नर्मदा नदी से पोकलेन और नावों के जरिए निकाली जा रही रेत - Sehore News

August 22, 2026

सीहोर में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के प्रतिबंध के बावजूद सीहोर जिले में नर्मदा नदी से अवैध रेत खनन का कारोबार पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा है। नदी के अलग-अलग हिस्सों में कथित तौर पर भारी मात्रा में रेत का उत्खनन किया जा रहा है। बड़े वाहनों के साथ

.

सरकारी आंकड़ों में लगातार कार्रवाई

जिला खनिज विभाग के अनुसार जिले में कुल 173 गौण खनिज खदानें स्वीकृत हैं। इनमें 28 रेत, 125 गिट्टी और 20 मुरम की खदानें शामिल हैं। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2025-26 तक अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के कुल 389 प्रकरण दर्ज किए गए। इन मामलों में 2 करोड़ 43 लाख 80 हजार 597 रुपए का अर्थदंड वसूला गया।

इस दौरान कार्रवाई में 212 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 123 डंपर, 26 पोकलेन मशीन, 21 जेसीबी, 10 ट्रैक्टर लोडर, 9 नाव इंजन और 3 पनडुब्बियां जब्त किए जाने की जानकारी विभाग ने दी है।

2024-25 में 374 मामले दर्ज

वित्तीय वर्ष 2024-25 में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के कुल 374 प्रकरण दर्ज किए गए थे। इन मामलों में 2 करोड़ 30 लाख 69 हजार 983 रुपए का अर्थदंड लगाया गया, जिसमें से 2 करोड़ 30 लाख 09 हजार 77 रुपए की वसूली की गई।

इनमें अवैध परिवहन के 290 मामलों से 1 करोड़ 58 लाख 91 हजार 691 रुपए, अवैध उत्खनन के 53 मामलों से 52 लाख 19 हजार 10 रुपए और अवैध भंडारण के 31 मामलों से 18 लाख 98 हजार 376 रुपए का अर्थदंड वसूला गया।

चालू वित्तीय वर्ष में 15 प्रकरण

वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के 15 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनसे 13 लाख 71 हजार 520 रुपए की वसूली की जा चुकी है। इनमें अवैध परिवहन के 12 मामलों से 10 लाख 67 हजार 520 रुपए और अवैध उत्खनन के तीन मामलों से 3 लाख 04 हजार रुपए शामिल हैं।

कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रहा कारोबार

खनिज विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई और वाहनों की जब्ती के आंकड़े सामने आने के बावजूद नदी से अवैध रेत खनन की शिकायतें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। खास तौर पर मशीनों और पनडुब्बियों के इस्तेमाल से बड़े पैमाने पर रेत निकाले जाने के आरोप प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं।

जिला खनिज अधिकारी राजकुमार बराठे का कहना है कि विभाग द्वारा समय-समय पर अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। हालांकि, जमीनी स्तर पर अवैध उत्खनन की शिकायतें सामने आने से कार्रवाई की प्रभावशीलता को लेकर सवाल बने हुए हैं।

नर्मदा के प्राकृतिक स्वरूप पर खतरा

नदी से लगातार बड़े पैमाने पर रेत निकाले जाने से नर्मदा के नदी तल, जल प्रवाह और आसपास के पर्यावरण पर असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में केवल जुर्माना और वाहन जब्ती तक सीमित कार्रवाई के बजाय अवैध खनन के स्रोत और पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।