Aug 22, 2026 11:12 am ISTलाइव हिन्दुस्तान
पुणे में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले एबीवीपी और एनएसयूआई के छात्र भिड़ गए। उनमें हाथापाई होने लगी। इसके बाद पुलिस ने दखल देकर उन्हें काबू में किया। आज राहुल गांधी का कार्यक्रम होगा।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के शनिवार को होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले शुक्रवार को यहां 'सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी' के छात्रावास परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और 'नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया' (NSUI) के सदस्यों के बीच झड़प हो गई। घटना के बाद परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। आज यानी शनिवार को राहुल गांधी का यह कार्यक्रम होने वाला है।
एबीवीपी के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ता कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे (सीओईपी) की छात्राओं पर शनिवार के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराने का दबाव बना रहे थे। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि कार्यक्रम का समर्थन करने वाली दो छात्राओं को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने छात्रावास में कथित रूप से बंद कर दिया और उन्हें धमकाया।
घटना के बाद छात्रावास पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया कि एबीवीपी कार्यकर्ता दोनों छात्राओं को धमका रहे थे। इस घटना के बाद परिसर में तनाव का मौहाल है। यह पता नहीं चल पाया है कि आखिर यह झड़प किसा बात को लेकर हुई। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने बीजेपी पर किया हमला
महाराष्ट्र में कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि पुणे में शिक्षा की गुणवत्ता,सुविधाओं को लेकर छात्रों में असंतोष है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को पूरा समर्थन मिल रहा है। इसीलिए यह बात विरोधियों के गले नहीं उतर रही है।
बीजेपी लगा रही कैमरा पॉलिटिक्स का आरोप
सत्तारूढ़ पार्टी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता पर संसद मार्ग थाना परिसर स्थित पुलिस उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना देकर ''ओछी और अराजक राजनीति'' करने का आरोप लगाया और कहा कि उनका उद्देश्य न्याय या जांच की मांग करना नहीं था, बल्कि हंगामा खड़ा करना और कानून-व्यवस्था को चुनौती देना था।
गांधी, 20 जुलाई को छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के छर्रों से घायल हुए युवक के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए शुक्रवार को संसद मार्ग थाना परिसर स्थित पुलिस उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज किए जाने के बाद धरना समाप्त हुआ।
