world-news

JEE में दो बार फेल, यूट्यूब से फ्री में सीख ली ये स्किल, अब हर महीने कमा रहा 2 लाख रुपये

August 22, 2026

जिंदगी में फेल होना कई बार आपके लिए नई शुरुआत लेकर आती है. JEE में दो बार फेल होने के बाद इंदौर के एक छात्र ने जॉब के ट्रेडिशनल रास्ते को न चुनकर कुछ अलग करने की ठानी. उसने यूट्यूब से एक खास स्किल सीखी और फ्रीलांस काम शुरू किया और अब वह हर महीने 2 लाख रुपये कमा रहा है. 

X

दो बार जेईई में फेल अब दो लाख महीने का मिल गया काम.

दो बार जेईई में फेल अब दो लाख महीने का मिल गया काम.

भारत जैसे देश में सफलता को अकसर अच्छे कॉलेज में पढ़ाई करने, बड़ी डिग्री और अच्छी नौकरी    से मापा जाता है. JEE और NEET जैसी कठिन और बड़ी परीक्षाओं में शामिल होने का मतलब है कि छात्र पर अधिक प्रेशर. लेकिन इंदौर के रहने वाले इस युवा की कहानी ने लोगों की सोच बदल दी है. बता दें कि युवा ने करीब 2 बार जेईई की परीक्षा दी थी लेकिन वह दोनों बार फेल हो गए थे. लेकिन हार मानने के बजाय उन्होंने इंटरनेट की मदद ली. यूट्यूब से नई स्किल सीखी और आज उसके दम पर हर महीने 2 लाख रुपये कमा रहा है. 

कौन सी है वह स्किल जिससे कमा रहे हैं लाखों रुपये? 

इस युवा की कहानी एंटरप्रेन्योर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंकुर वारिकू ने सोशल मीडिया पर शेयर की है. उनके मुताबिक, दो बार JEE में असफल होने के बाद कुछ अलग सीखने का ट्राई किया. उसने यूट्यूब पर मौजूद फ्री वीडियो की मदद से प्रोडक्ट डिजाइनिंग सीखना शुरू किया. धीरे-धीरे उन्होंने अपनी स्किल को बेहतर किया और अलग-अलग प्रोजेक्ट पर काम करते हुए एक मजबूत प्रोफेशनल पोर्टफोलियो तैयार किया. 

हर महीने कमा रहा 2 लाख रुपये 

अंकुर वारिकू के अनुसार, ये युवा अब फ्रीलांस डिजाइनर है और हर महीने करीब 2 लाख रुपये की कमाई कर रहा है . इतना ही नहीं उन्होंने ये दावा भी किया है कि युवा डिजाइनर का पोर्टफोलियो देश के कई बड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों से पढ़े छात्रों के पोर्टफोलियो को भी कड़ी टक्कर दे सकता है.इस कहानी को शेयर करते हुए सवाल किया कि क्या किसी व्यक्ति की क्षमता को केवल उसकी डिग्री से आंकना सही है?  उनके मुताबिक, भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है. 

यूजर्स ने क्या कहा? 

इस कहानी के वायरल होते ही कुछ यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया शेयर की है. यूजर्स ने सवाल उठाया कि इस तरह की सफल कहानियां को देखकर युवा ट्रेडिशनल एजुकेशन को पूरी तरह नजरअंदाज करने की सलाह दी जा सकती है. वहीं, कई लोगों ने  IIT जैसे इंस्टीट्यूट्स की अहमियत का बचाव किया. उनका कहना है कि कम उम्र में कछिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा पास करना  भी छात्रों की मेहनत और समस्या को सुझाने का तरीका दिखाता है. 

---- समाप्त ----

Live TV

aaj tak epaper in hindi