Nepal Tunnel Rescue: नेपाल में बाढ़ और तबाही के बीच त्रिशुली 3ए हाइड्रो प्रोजेक्ट से एक राहत भरी खबर सामने आई है. परियोजना की सुरंग में कई दिनों से फंसे कबीर महर्जन को सुरक्षित बचा लिया गया है. उनके बाहर आने के बाद परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. परिवार ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं बताया. कबीर की चचेरी बहन ने कहा कि परिवार एक समय उम्मीद लगभग छोड़ चुका था, लेकिन कबीर के सुरक्षित लौटने की खबर मिलते ही सभी की आंखों में खुशी के आंसू आ गए.
हम बहुत खुश हैं. हम उनसे मिलने आए हैं. हमारी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है. वह 10 दिनों से सुरंग में फंसे हुए थे. यह एक चमत्कार है. हमने एक समय उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन आज हमारी खुशी का कोई अंत नहीं है- कबीर की चचेरी बहन
परिवार की सदस्य ने बताया कि जैसे ही कबीर के सुरक्षित होने की खबर मिली, उन्होंने पूजा की और अपनी बहनों को फोन कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने अपने भाई के सुरक्षित लौटने के लिए भगवान का शुक्रिया अदा किया.
संजय साह और कबीर महर्जन की हुई पहचान
काठमांडू पोस्ट के हवाले से राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद श्री राम नेउपाने ने बताया कि बचाए गए दोनों लोगों की पहचान मैकेनिकल फोरमैन संजय साह और मैकेनिकल सुपरवाइजर कबीर महर्जन के रूप में हुई है. दोनों को हवाई मार्ग से काठमांडू लाया गया है. सेना के अधिकारियों के मुताबिक संजय साह का इलाज छाउनी स्थित बीरेंद्र सेना अस्पताल में किया जाएगा, जबकि कबीर महर्जन को राष्ट्रीय आघात केंद्र ले जाया जाएगा.
नेपाली सेना ने एक्स पर शेयर की रेस्क्यू की जानकारी
कबीर और संजय के बचाव अभियान से जुड़ी जानकारी नेपाली सेना ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भी शेयर की है. कई दिनों से जारी इस अभियान में सुरंग के भीतर फंसे लोगों से संपर्क स्थापित होना बड़ी सफलता माना जा रहा था. इसके बाद बचाव दल ने अभियान को और तेज किया और सुरंग के भीतर प्रवेश कर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश शुरू की.
सुरंग से सुनाई दी थी आवाज
बचाव टीम के मुताबिक आपदा के नौ दिन बाद बचाव कर्मियों ने त्रिशुली 3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे लोगों से संपर्क स्थापित किया था. शुक्रवार को तलाशी के दौरान सुरंग के अंदर से एक से अधिक लोगों की आवाज सुनाई दी.
बचाव कर्मियों ने अंदर मौजूद लोगों से कहा- घबराएं नहीं, हम आपको बचा रहे हैं. इसके जवाब में अंदर से हां की आवाज सुनाई दी. यह संपर्क बचाव अभियान में सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत माना गया.
26 अगस्त की बाढ़ से बंद हुई थी सुरंग
26 अगस्त को रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के कारण त्रिशुली 3ए हाइड्रो प्रोजेक्ट की सुरंग बंद हो गई थी. इसके बाद यहां फंसे लोगों को निकालने के लिए नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने संयुक्त अभियान शुरू किया. कई दिनों तक सुरंग में पहुंचना मुश्किल बना रहा, लेकिन बचावकर्मी लगातार अभियान में जुटे रहे. आखिरकार अंदर फंसे लोगों से संपर्क स्थापित होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आई.
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव जारी
नेपाल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी राहत और बचाव अभियान जारी है. शुक्रवार को ही बिदुर स्थित सेना शिविर से एक गर्भवती महिला को नुवाकोट से काठमांडू एयरलिफ्ट किया गया. त्रिशुली 3ए परियोजना में फंसे लोगों की तलाश के साथ-साथ दूसरे प्रभावित इलाकों में भी बचाव अभियान जारी है. नेपाल पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक 3 सितंबर रात 8 बजे तक आपदा में मरने वालों की संख्या 1,290 पहुंच गई थी.
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