मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल के 'भौं-भौं' बयान के बाद AIMIM ने उनके सामाजिक बहिष्कार का ऐलान किया है। पार्टी ने मुस्लिम समाज से निकाह, वलीमा और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में उन्हें न बुलाने की अपील की है।
AIMIM ने अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल के सामाजिक बहिष्कार का किया ऐलान
- Published: 17 Jul 2026, 09:49 AM IST
- Last Updated: 17 Jul 2026, 09:49 AM IST
भोपाल: मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल के हालिया 'भौं-भौं' वाले बयान के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (AIMIM) ने उनके खिलाफ सामाजिक बहिष्कार अभियान चलाने की घोषणा कर दी है। पार्टी ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि उन्हें किसी भी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में आमंत्रित न किया जाए।
देशभर के मुसलमानों से अपील
AIMIM के मध्य प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम मुस्लिम विरोधी कानून है और जो लोग इसका समर्थन कर रहे हैं, उनका सामाजिक स्तर पर विरोध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से डॉ. सनवर पटेल का सोशल बॉयकॉट करते हैं और पूरे प्रदेश ही नहीं, देशभर के मुसलमानों से भी ऐसा ही करने की अपील करते हैं।
मोहसिन अली खान ने कहा कि मुस्लिम समाज को डॉ. सनवर पटेल को निकाह, बारात, वलीमा, जन्मदिन, किड्स पार्टी और अन्य सामाजिक या संगठनात्मक कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं करना चाहिए। उनका कहना है कि जिन आयोजनों में सम्मान स्वरूप गुलदस्ते या उपहार दिए जाते हैं, वहां भी उन्हें न बुलाया जाए, ताकि समाज के सामने उनकी भूमिका स्पष्ट हो सके।
नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग
AIMIM ने इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक और मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के सदस्य से भी नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की है। मोहसिन अली खान का कहना है कि यदि वे गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति का विरोध करते हैं, तो उन्हें बोर्ड की सदस्यता छोड़कर अपना विरोध सार्वजनिक करना चाहिए।
पार्टी ने घोषणा की है कि वह इस मुद्दे को लेकर पूरे मध्य प्रदेश में जनजागरण अभियान चलाएगी। AIMIM के कार्यकर्ता विभिन्न जिलों में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे और पोस्टर-बैनर के जरिए सामाजिक बहिष्कार की अपील करेंगे।
सनवर पटेल ने अपने विरोधियों पर तीखी टिप्पणी की
दरअसल, यह विवाद उस समय और तेज हो गया जब उज्जैन में आयोजित एक कार्यक्रम में वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने अपने विरोधियों पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा था कि "जिन्हें गली में भौं-भौं करने वाला भी नहीं पूछता, वही सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं कि काजी साहब और मुफ्ती साहब मेरे पास क्यों गए।" इस बयान के बाद मुस्लिम संगठनों और AIMIM ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर पहले से ही कई मुस्लिम संगठन, उलेमा और सामाजिक संस्थाएं विरोध जता रही हैं। अब AIMIM के सामाजिक बहिष्कार अभियान के ऐलान के बाद यह विवाद राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर और अधिक गर्माता दिखाई दे रहा है।