मध्य प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अहम निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि CPCT परीक्षा के कारण किसी पात्र कर्मचारी की पदोन्नति नहीं रुकनी चाहिए। CPCT पास नहीं होने के कारण पदोन्नत कर्मचारी को पुराने पद पर वापस भेजने से भी बचने के निर्देश दिए गए हैं।
पदोन्नति में CPCT नहीं बनेगी बाधा
- Published: 12 Aug 2026, 10:59 AM IST
- Last Updated: 12 Aug 2026, 10:59 AM IST
भोपाल: मध्य प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि CPCT परीक्षा की वजह से किसी भी पात्र कर्मचारी की पदोन्नति नहीं रुकनी चाहिए। सरकार अब इस मामले में जल्द सकारात्मक फैसला लेने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों ने पदोन्नति के लिए जरूरी सेवा अवधि और अन्य पात्रताएं पूरी कर ली हैं, उन्हें केवल CPCT पास नहीं होने के कारण पदोन्नति से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही CPCT पास नहीं होने की वजह से किसी कर्मचारी को पदोन्नत पद से वापस पुराने पद पर भेजने से भी बचने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मध्य प्रदेश में कई तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति CPCT की अनिवार्यता के कारण प्रभावित हुई थी। खासतौर पर ऐसे कर्मचारी, जिन्होंने निर्धारित सेवा अवधि और शैक्षणिक योग्यता पूरी कर ली है, लेकिन CPCT परीक्षा पास नहीं की है, उनकी पदोन्नति को लेकर असमंजस बना हुआ था।
इस मामले को लेकर तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर राहत की मांग की थी। संघ ने मांग की थी कि पात्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को बिना CPCT की बाध्यता के सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति दी जाए। इसके लिए दो साल की परिवीक्षा अवधि रखने का सुझाव भी दिया गया था।
संघ ने CPCT के आधार पर पहले निरस्त किए गए पदोन्नति आदेशों को भी बहाल करने की मांग की थी।
अब जल्द लिया जाएगा फैसला
मुख्यमंत्री के ताजा निर्देश के बाद संबंधित विभाग को CPCT की अनिवार्यता को लेकर जल्द निर्णय लेना होगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी कर्मचारी की पदोन्नति केवल कंप्यूटर दक्षता परीक्षा की वजह से अटकी न रहे।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि CPCT पास नहीं होने के कारण किसी कर्मचारी को पहले से मिली पदोन्नति वाले पद से वापस पुराने पद पर न भेजा जाए। इससे ऐसे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी पदोन्नति इस शर्त के कारण प्रभावित हुई है।
क्या है CPCT?
CPCT यानी Computer Proficiency Certification Test मध्य प्रदेश में कंप्यूटर दक्षता और टाइपिंग क्षमता जांचने वाली परीक्षा है। सरकारी सेवाओं में विशेष रूप से सहायक ग्रेड-3 और डेटा एंट्री जैसे पदों के लिए इसका महत्व रहा है।
अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कर्मचारियों की पदोन्नति और CPCT की अनिवार्यता को लेकर सरकार के अगले फैसले पर सभी की नजर है।