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NEET : मेरा उत्तर सही, 695 नहीं 700 अंक होने चाहिए, नीट छात्र की फरियाद पर कोर्ट ने सुनाया फैसला, टूटा टॉपर बनने का सपना

August 12, 2026

Aug 12, 2026 12:17 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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दिल्ली हाईकोर्ट ने नीट यूजी 2026 की फाइनल आंसर की को चुनौती देने वाली एक याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने साफ कहा कि जब तक किसी प्रश्न का उत्तर स्पष्ट रूप से गलत साबित न हो जाए, तब तक कोर्ट सब्जेक्ट एक्सपर्ट के फैसले में दखल नहीं दे सकता।

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कुशाग्र मित्तल

दिल्ली हाईकोर्ट ने नीट यूजी 2026 की फाइनल आंसर की को चुनौती देने वाली एक याचिका खारिज कर दी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा कि जब तक किसी प्रश्न का उत्तर स्पष्ट रूप से गलत साबित न हो जाए, तब तक कोर्ट सब्जेक्ट एक्सपर्ट के फैसले में दखल नहीं दे सकता। मामला 17 वर्षीय नीट यूजी 2026 के अभ्यर्थी कुशाग्र मित्तल की याचिका से जुड़ा था। कुशाग्र ने बायोलॉजी सेक्शन (टेस्ट बुकलेट कोड 80) के प्रश्न संख्या 150 की आंसर की को चुनौती दी थी। उनका दावा था कि प्रश्न के एक से अधिक सही उत्तर थे और NTA की ओर से सही माना गया विकल्प वैज्ञानिक रूप से गलत था। कुशाग्र के माता पिता दोनों एम्स में डॉक्टर हैं।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि नीट यूजी परीक्षा कराने वाली एजेंसी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने प्रोविजनल आंसर की पर प्राप्त सभी आपत्तियों को देश के प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों के पैनल के सामने रखा था। विशेषज्ञों की ओर से गहरी समीक्षा और विश्लेषण किए जाने के बाद ही फाइनल आंसर की को मंजूरी दी गई। ऐसे में अदालत विशेषज्ञों की ओर से निकाले गए फाइनल उत्तरों का फिर से मूल्यांकन नहीं कर सकती।

उत्तर को गलत मानने की वजह से 5 अंक कटे

कुशाग्र ने प्रश्न के लिए विकल्प-2 चुना था, जबकि NTA ने विकल्प-3 को सही उत्तर माना। इसके चलते उन्हें कुल पांच अंकों का नुकसान हुआ। इनमें चार अंक सही उत्तर के लिए मिलने वाले और एक अंक नेगेटिव मार्किंग का था।

कुशाग्र के 695 अंक, AIR 65

गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित मूल NEET UG परीक्षा रद्द होने के बाद कुशाग्र ने 21 जून को हुई दोबारा परीक्षा में हिस्सा लिया था। इस परीक्षा में उन्होंने 720 में से 695 अंक प्राप्त किए और ऑल इंडिया रैंक (AIR) 65 हासिल की।

NTA ने कोर्ट में क्या कहा

NTA ने अदालत में कहा कि कुशाग्र की आपत्ति सहित सभी आपत्तियों की समीक्षा राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ पैनल ने की थी। पैनल ने संबंधित आपत्ति को आधारहीन पाया और फाइनल आंसर की में किसी बदलाव की आवश्यकता नहीं समझी।

कोर्ट ने क्या दिया तर्क

याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने दोहराया कि परीक्षा की आंसर की की न्यायिक समीक्षा का दायरा बेहद सीमित है। केवल उन्हीं मामलों में हस्तक्षेप किया जा सकता है, जहां रिकॉर्ड के आधार पर उत्तर स्पष्ट रूप से गलत साबित हो रहा हो। अन्य मामलों में विशेषज्ञों की राय को प्राथमिकता दी जाएगी।

नीट में 720 थे, री-नीट में 695 आए, टूटा टॉपर बनने का सपना

री नीट रिजल्ट के समय दिए एक इंटरव्यू में कुशाग्र ने बताया था कि जो नीट पहले हुआ था उसमें उनके पूरे नंबर 720 में से 720 आ रहे थे। लेकिन पेपर लीक की वजह से ये नीट रद्द हो गया था। री-नीट की वजह से उनका प्रदर्शन खराब हुआ। ओएमआर शीट में भी उन्होंने एक गलत भर दिया था और इसके अलावा तनाव और प्रेशर की वजह से पूरा प्रदर्शन गिर गया। 695 नंबर आए। उन्होंने बताया कि उनके पिता और मां दोनों ही दिल्ली एम्स में डॉक्टर हैं। पिता चंद्र मोहन मित्तल और मां रूचिका मित्तल एम्स में डॉक्टर है।

कुशाग्र दिल्ली के रहने वाले हैं और उन्होंने सेंट कोलंबस स्कूल से पढ़ाई की है। 11वीं 12वीं के दौरान उन्होंने कोचिंग ली थी।

लेखक के बारे में

Pankaj Vijay

पंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार

शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।

15 से अधिक सालों का अनुभव

पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि

भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।

विजन

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