Jul 24, 2026 09:58 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
मुख्य बातें
- SEBI ने एक्सिस म्यूचुअल फंड के पूर्व चीफ डीलर वीरेश जोशी पर बड़ा एक्शन लिया है
- उनको 7 साल के लिए सिक्योरिटीज मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया

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मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने एक्सिस म्यूचुअल फंड के पूर्व चीफ डीलर वीरेश जोशी पर बड़ा एक्शन लिया है। सेबी ने वीरेश जोशी को 7 साल के लिए सिक्योरिटीज मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया।
सेबी के मुताबिक जोशी ने फंड हाउस के होने वाले ट्रेड से जुड़ी गोपनीय जानकारी एक बाहरी ट्रेडर को लीक करके फ्रंट-रनिंग का काम किया। इससे उन्हें 30.56 करोड़ रुपये का गैर-कानूनी मुनाफा हुआ। बता दें कि इस मामले की सेबी ने 1 सितंबर 2021 से 31 मार्च 2022 की अवधि के दौरान जांच की थी।
कैसे की गई ट्रेडिंग
सेबी के मुताबिक मई 2022 तक एक्सिस म्यूचुअल फंड में चीफ डीलर के तौर पर काम करने वाले जोशी के पास फंड के होने वाले ट्रेड से जुड़ी ऐसी जानकारी थी जो आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं थी। इसमें स्टॉक के नाम, उनकी मात्रा और ऑर्डर का समय जैसी जानकारी शामिल थी। जांच के दौरान पता चला कि उन्होंने यह जानकारी दुबई में रहने वाले ट्रेडर प्रिजेश कुरानी के साथ शेयर की। कुरानी ने एक्सिस म्यूचुअल फंड के ऑर्डर मार्केट में आने से पहले ही 'म्यूल' अकाउंट्स के नेटवर्क के जरिए ट्रेड किए। सेबी के मुताबिक ये ट्रेड कुरानी की पत्नी, मां, सास, भाई, उनके परिवार से जुड़े एक FPI और कई अन्य लोगों और संस्थाओं के अकाउंट्स के जरिए किए गए थे।
सेबी ने यह भी माना कि सुमित देसाई, प्रणव वोरा और वैभव पांड्या ने जोशी को कुरानी से मिलवाकर और उन अकाउंट्स का इंतजाम करके इस स्कीम को आगे बढ़ाने में मदद की, जिनके जरिए ट्रेड किए गए थे।
सेबी के मुताबिक कथित स्कीम से हुई कुल गैर-कानूनी कमाई का हिसाब 30.55 करोड़ रुपये लगाया। इसमें से सबसे बड़ा हिस्सा यानी 14.07 करोड़ रुपये की रकम Visa कैपिटल पार्टनर्स की थी। यह रकम सेबी के 28 फरवरी, 2023 को जारी किए गए अंतरिम आदेश और कारण बताओ नोटिस के तहत पहले ही जब्त की जा चुकी थी।
क्या थी जोशी की प्रतिक्रिया?
जोशी ने इस बात से इनकार किया कि वे ही 'जादूगर' थे। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि सेबी की ओर से पेश की गई WhatsApp चैट में जिस 'जादूगर' नाम का जिक्र है, वह उनके लिए इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने पूरी कार्यवाही के दौरान आरोपों को गलत बताया। उन्होंने तर्क दिया कि चीफ डीलर के तौर पर उनका काम सिर्फ फंड मैनेजरों के ऑर्डर को पूरा करना था और स्टॉक चुनने या ऑर्डर में बदलाव करने में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
उन्होंने कहा कि एक्सिस म्यूचुअल फंड कड़े नियमों के तहत काम करता है, इसलिए गोपनीय जानकारी लीक होने की बात मुमकिन नहीं लगती। जोशी ने SEBI के सबूतों को चुनौती दी। पूर्व डीलर ने मामले के सबूतों के आधार को भी चुनौती दी। जोशी ने दावा किया कि उन्होंने मुलुंड पुलिस स्टेशन में सेबी की जांच टीम के सदस्यों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं।
