world-news

Koel Mallick के इस्‍तीफे पर आगबबूला हुईं ममता बनर्जी, क्‍यों बोलीं- जिसे जाना है 21 जुलाई से पहले चला जाए

July 16, 2026

Time Updated: Thursday, July 16, 2026, 18:49 [IST]

TMC Rajya Sabha resignation: तृणमूल कांग्रेस की राज्‍यसभा सांसद और मशहूर एक्‍ट्रेस कोयल मल्लिक ने गुरुवार को राज्‍यसभा पद से इस्‍तीफा दे दिया। रुक्मणी उर्फ कोयल मल्लिक के इस्‍तीफा देने के बाद से एक्‍ट्रेस से राजनेता बनीं कोयल लगातार सुर्खियों में हैं। कोयल के इस्‍तीफे पर ममता बनर्जी आगबबूला हो गई हैं। उन्‍होंने कोयल के इस्‍तीफे पर रिएक्‍शन दिया है।

टीएमसी मुखिया ममता बनर्जी ने सख्‍त चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं वो 21 जुलाई को से पहले चले जाए। ममता दीदी ने दावा किया कि हमारी पार्टी के सांसदों , नेताओं पर राजनीतिक दबाव बनाकर उन्‍हें पाला बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आइए समझते हैं आखिर ममता बनर्जी ने क्‍यों 21 जुलाई से पहले बागियों को पार्टी छोड़ने की कड़ी चेतावनी दी है?

Mamata Banerjee

ममता बनर्जी ने कहा, आज जिस सांसद ने इस्‍तीफा दिया उन्‍होंने मुझे ईमेल के जरिए जानकारी दी है। उन्‍होंने कहा इस्‍तीफा देने वाली सांसद ने भाजपा के एक नेता से मुलाकात की। ममता दीदी ने तंज कसते हुए कहा मैं उनका धन्‍यवाद करती हूं।

ममता बनर्जी ने कोयल मल्लिक को लेकर क्‍या कहा?

ममता बनर्जी ने कहा, मैंने एक सांसद को देखा मैं उनका सम्‍मान करती हूं। उन्होंने पहले ही ईमेल के जरिए जानकारी दी थी। इसके साथ उन्‍होने कहा आज वह एक BJP नेता से मिलीं। जो लोग दबाव में हैं, वे कृपया 21 जुलाई से पहले जो चाहें फ़ैसला लें और जहां चाहें वहां चले जाएं।"

ममता बनर्जी ने क्‍यों कहा 21 जुलाई से पहले जिसे जाना हो वो चला जाए?

दरअसल, पश्चिम बंगाल में 21 जनवरी को टीएमसी शहीद दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। टीएमसी द्वारा साल भर में जो कार्यक्रम आयोजित किया जाता है उनमें शहीद दिवस सबसे बड़ा आयोजन है। 21 जुलाई को शहीद दिवस इसलिए टीमएमसी मनाती है क्‍योंकि 21 जुलाई 1993 में इसी दिन कोलकाता में पुलिस गोलाबारी में 13 युवा कांग्रेसी नेता मारे गए थे। उन्हीं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए टीएमसी ये आयोजन करती है।

21 जुलाई 1993 को क्‍यों पुलिस ने की थी गोलाबारी?

21 जुलाई 1993 को ममता बनर्जी के नेतृत्‍व में युवा कांग्रेस ने बंगाल की तत्‍कालीन वाम मोर्चा की सरकारक े विरोध में एक विरोध मार्च निकाला था। कांग्रेस युवा की मोर्चा की डिमांड चुनावों में धांधली रोकने के लिए फोटो वाला वोटर आईडी अनिवार्य करने की मांग की थी तभी पुलिस ने गोलीबारी की थी।

कोयल ने 4 माह बाद ही सांसदी से दिया इस्‍तीफा, ममता के पास बचे हैं कितने सांसद?

बता दें एक्‍ट्रेस से सांसद बनी कोयल मलिक ने अभी हाल ही में 6 अप्रैल को सांसद पद की शपथ ली थी चार महीने बाद ही सांसदी से इस्‍तीफा दे दिया। हालांकि उन्‍होंने इस्‍तीफा देने की कोई वजह नहीं बताई है। कोयल से पहले सुखेंदु शेयर राफय , सुष्मिता देव और प्रकास चिक बराइक राज्‍यभा सांसदी से इस्‍तीफा दे चुके हैं। इन चार सांसदों के इस्‍तीफे के बाद ममता की टीएमसी के पास 13 में से केवल 9 सांसद बचे हैं। चार सांसद विरोधी गुट में शामिल हो चुके हैं।