JSW ग्रुप ने भारत में नया ब्रॉन्ड AMPSTAR को लॉन्च कर दिया है। इस ब्रॉन्ड के तहत JSW ग्रीनटेक की ...और पढ़ें

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ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारत में JSW ग्रुप बेहद अक्रामक तरीके से ऑटोमोबाइल क्षेत्र में अपनी तैयारी कर रही है। इसी क्रम में JSW ग्रीनटेक ने अब AMPSTAR नाम से नए ब्रॉन्ड को लॉन्च कर दिया है। इस ब्रॉन्ड के तहत निर्माता की ओर से किस तरह के वाहनों को पेश किया जाएगा। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
लॉन्च हुआ नया ब्रॉन्ड
जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक की ओर से भारतीय बाजार में नए ब्रॉन्ड के तहत AMPSTAR को लॉन्च कर दिया है। निर्माता की ओर से इस ब्रॉन्ड को कमर्शियल मोबिलिटी सर्विस के तौर पर ऑफर किया गया है। जिसमें नए वाहनों की बिक्री के साथ ही फाइनेंसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑफ्टर सेल सर्विस जैसे कई क्षेत्रों में सेवाओं को ऑफर किया जाएगा।
किस तरह के वाहनों को करेगी ऑफर
इस ब्रॉन्ड के तहत 150 से 500 KW तक की पावर वाले कमर्शियल बस और ट्रकों को निर्माता की ओर से ऑफर किया जाएगा। जिनमें एडवांस तकनीक के साथ बेहतरीन फीचर्स को भी ऑफर किया जाएगा।
भारत में बनेंगे वाहन
इस ब्रॉन्ड के तहत जेएसडब्ल्यू की ओर से कमर्शियल ट्रक और बसों को भारत में ही बनाया जाएगा। निर्माता ने इसके लिए महाराष्ट्र के संभाजी नगर में 90 एकड़ में प्लांट को शुरू किया है। इस प्लांट की क्षमता सालाना 15 हजार इलेक्ट्रिक बस और ट्रक का उत्पादन करने की है।
अधिकारियों ने कही यह बात
लॉन्च के मौके पर JSW ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने कहा कि जब हमने इलेक्ट्रिक कमर्शियल मोबिलिटी के क्षेत्र में उतरने का फैसला किया, तो मैंने इसे देश-निर्माण के एक काम के तौर पर देखा - यानी भारत के लोगों और सामान को बाहर से मंगाए गए ईंधन के बजाय भारत में ही बनी बिजली से एक जगह से दूसरी जगह ले जाना। हम दुनिया भर में तेल की कीमतों को कंट्रोल नहीं कर सकते। लेकिन हम इस बात को कंट्रोल कर सकते हैं कि हम उन पर कितना निर्भर हैं। अगर मुझे AMPSTAR के लिए हमारे मकसद को एक लाइन में बताना हो, तो वह यह है: हम चाहते हैं कि AMPSTAR भारत के आने-जाने के तरीके को बदलने में एक बड़ी भूमिका निभाए। यह अब सिर्फ़ बिज़नेस का सवाल नहीं रह गया है। यह इस बात का सवाल है कि एक देश के तौर पर हम क्या बनना चाहते हैं। लेकिन हर ग्राहक इलेक्ट्रिक बस और ट्रक चुनने का हिम्मत भरा फ़ैसला तभी करेगा जब इसका आर्थिक फ़ायदा साफ़ दिखेगा - न कि सिर्फ़ भावनाओं के आधार पर। जब ऐसा होगा, तो इसका असर सिर्फ़ गाड़ी तक ही सीमित नहीं रहेगा: इससे एनर्जी सिक्योरिटी मिलेगी, लॉजिस्टिक्स का खर्च कम होगा, भारतीय इंडस्ट्री की ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ेगी, भारत में ही एक मज़बूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनेगा और आने वाली पीढ़ी के लिए एक साफ़-सुथरा भविष्य तैयार होगा।