Dehradun IT Park: देहरादून के बालावाला स्थित करीब 35.7 एकड़ जमीन पर आईटी पार्क या बिजनेस पार्क बनाने की योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. मुख्यमंत्री धामी जमीन का इस्तेमाल औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए करना चाहते हैं.
Dehradun IT Park: देहरादून के बालावाला स्थित करीब 35.7 एकड़ जमीन पर आईटी पार्क या बिजनेस पार्क बनाने की योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. मुख्यमंत्री धामी जमीन का इस्तेमाल औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए करना चाहते हैं.
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Dehradun IT Park: उत्तराखंड में वर्षों से खाली पड़ी जमीन को निवेश और रोजगार के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है. देहरादून के बालावाला स्थित करीब 35.7 एकड़ जमीन पर आईटी पार्क या बिजनेस पार्क बनाने की योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार इस जमीन का इस्तेमाल औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए करना चाहती है. इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र को जमीन हस्तांतरित करने का प्रस्ताव भेजा है. योजना को मंजूरी मिलने पर देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में निवेश बढ़ने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
बंद पड़ी फैक्टरी की जमीन से विकास को मिलेगी गति
देहरादून के बालावाला में स्थित बंगाल इम्युनिटी लिमिटेड की घोड़ा फैक्टरी पिछले करीब 30 वर्षों से बंद पड़ी है. लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हो रही इस जमीन को अब विकास की नई संभावनाओं से जोड़ने की कोशिश की जा रही है. राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसी भूमि का बेहतर उपयोग करना है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार हो और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले.
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करीब 35.7 एकड़ में फैली इस जमीन पर आईटी पार्क या बिजनेस पार्क विकसित करने की योजना है. इससे यहां तकनीकी कंपनियों, स्टार्टअप और दूसरे व्यावसायिक संस्थानों के लिए जगह उपलब्ध कराने की संभावनाएं बन सकती हैं. हालांकि, परियोजना का अंतिम स्वरूप और निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया जमीन हस्तांतरण और आवश्यक मंजूरियों के बाद स्पष्ट होगी.
सीएम धामी ने केंद्र से किया भूमि हस्तांतरण का अनुरोध
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा को पत्र भेजा है. इसमें बालावाला की जमीन उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है.
मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री ने संबंधित औषध विभाग को आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. इससे भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है. इस जमीन से जुड़ा मामला कंपनी की वित्तीय देनदारियों और राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी), कोलकाता पीठ के निर्देशों से भी संबंधित है. ऐसे में परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जमीन से जुड़े औपचारिक पहलुओं को पूरा करना जरूरी होगा.
आईटी और बिजनेस सेक्टर में बन सकते हैं रोजगार के अवसर
बालावाला में आईटी पार्क या बिजनेस पार्क विकसित होने से रोजगार के कई क्षेत्रों को बढ़ावा मिलने की संभावना है. यहां सूचना प्रौद्योगिकी, तकनीकी सेवाओं, डिजिटल कारोबार और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़ी इकाइयों को जगह मिल सकती है. इन गतिविधियों के विस्तार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं.
आईटी कंपनियों के आने से सॉफ्टवेयर, तकनीकी सहायता और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में काम के अवसर बनने की उम्मीद है. इसके अलावा, परिवहन, सुरक्षा, रखरखाव, खानपान और स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को भी लाभ मिल सकता है. इससे देहरादून और आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने में मदद मिल सकती है.
बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ सकती है परियोजना की उपयोगिता
किसी भी औद्योगिक या व्यावसायिक केंद्र के विकास में सड़क संपर्क की अहम भूमिका होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित पार्क को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है. इसके लिए सोंग नदी पर प्रस्तावित लच्छीवाला-थानो फोरलेन एलिवेटेड मार्ग को पार्क से जोड़ने का प्रस्ताव है. बेहतर सड़क संपर्क से कर्मचारियों, कारोबारियों और अन्य लोगों की आवाजाही आसान हो सकती है. साथ ही, व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार में भी मदद मिल सकती है.
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