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टीम इंडिया की हार के पीछे IPL का हाथ? संजय मांजरेकर का फूटा गुस्सा, चयनकर्ताओं को दे डाली वॉर्निंग

July 12, 2026

आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद भारतीय टीम का प्रदर्शन क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेंट में अचानक गड़बड़ा चुका है. पहले आयरलैंड के खिलाफ 0-2 और फिर इंग्लैंड के विरुद्ध 0-4 की शर्मनाक सीरीज हार के बाद श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम सवालों के घेरे में है.

अब पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने खिलाड़ियों के बजाय IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) के माहौल और सेलेक्शन प्रोसेस पर निशाना साधा है. मांजरेकर का मानना है कि आईपीएल भारतीय बल्लेबाजों की असली क्षमता पर 'भारी मेकअप' चढ़ा देता है. बल्लेबाजी के अनुकूल पिचों और परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी जब विदेशों में स्विंग, सीम और उछाल का सामना करते हैं तो उनकी कमजोरियां सामने आ जाती हैं.

टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के बाद टीम इंडिया ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी में नई शुरुआत की थी. हालांकि, नए कप्तान और गौतम गंभीर की जोड़ी के लिए पहला विदेशी असाइनमेंट किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. टीम के इस प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों से लेकर कोचिंग स्टाफ तक सवालों के घेरे में हैं. हालांकि, संजय मांजरेकर का मानना है कि सिर्फ खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराने से असली समस्या का समाधान नहीं होगा.

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संजय मांजरेकर ने X पर लिखा, 'विदेश में मिली इस टी20 हार के लिए खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराना सबसे आसान काम होगा. लेकिन सही तरीका यह होगा कि उन लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाए, जिन्होंने आईपीएल को ऐसा बना दिया है कि वह भारतीय बल्लेबाजों पर भारी मेकअप चढ़ा देता है.'

The easy thing would be is to hold players responsible for this overseas T20 setback.

The right thing would be is to hold those responsible who have made IPL such, that it puts a heavy make up on Indian batters.

— Sanjay Manjrekar (@sanjaymanjrekar) July 12, 2026

पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने चयनकर्ताओं को भी बड़ी सलाह दी. उन्होंने कहा कि अब भारतीय टीम चुनते समय सिर्फ आईपीएल के प्रदर्शन से प्रभावित होने के बजाय यह देखना होगा कि कोई बल्लेबाज मुश्किल विदेशी परिस्थितियों में कितना कारगर साबित हो सकता है.

संजय मांजरेकर ने लिखा, 'चयनकर्ताओं के लिए चुनौती यह है कि वे भारतीय बल्लेबाजों की कल्पना आईपीएल के भारी मेकअप के बिना करें और सिर्फ उन्हीं खिलाड़ियों को भारत के लिए चुनें. अब काफी टी20 क्रिकेट विदेशों में खेला जाना है. घरेलू मौज-मस्ती खत्म हो गई है.'

Challenge is for the selectors to imagine Indian batters without the heavy IPL make up on & pick only those for India.

A lot of T20 cricket will be overseas now. The home fun run is over.

— Sanjay Manjrekar (@sanjaymanjrekar) July 12, 2026

आईपीएल पर लंबे समय से बल्लेबाजों को जरूरत से ज्यादा मदद देने के आरोप लगते रहे हैं. सपाट पिचें, छोटी बाउंड्री और बड़े स्कोर वाले मुकाबले दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करते हैं, लेकिन आलोचकों का मानना है कि इन परिस्थितियों के कारण बल्लेबाजों का पूरा ध्यान पावर हिटिंग पर रहता है. मुश्किल परिस्थितियों में पारी बनाने और गेंद के स्विंग तथा सीम होने पर खुद को ढालने की कला पीछे छूटती जा रही है.

आईपीएल के 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं. इस नियम के तहत टीमें परिस्थितियों के मुताबिक विशेषज्ञ बल्लेबाज की जगह विशेषज्ञ गेंदबाज को मैदान पर उतार सकती हैं. इससे वास्तविक ऑलराउंडरों को तैयार करने और उन पर भरोसा जताने की जरूरत कम हो गई है.

'इम्पैक्ट प्लेयर' रूल को लेकर बहस तेज
पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने भी इस नियम को लेकर सवाल उठाए थे. उनका मानना है कि 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम के कारण भारत में अच्छे ऑलराउंडरों की कमी हो रही है क्योंकि टीमों को ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करने की जरूरत महसूस नहीं होती, जो बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दे सकें.

शर्मनाक हार के बाद अब सबसे बड़ा सवाल भारतीय टीम की चयन प्रक्रिया और खिलाड़ियों की विदेशी परिस्थितियों में खेलने की क्षमता पर है. सिर्फ आईपीएल में बनाए गए रनों और स्ट्राइक रेट को सफलता का पैमाना मानना आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है.

टीम इंडिया अब इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेगी. इसके बाद भारतीय टीम 23 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए जिम्बाब्वे का दौरा करेगी. इस साल भारत को न्यूजीलैंड में पांच टी20, पांच वनडे और दो टेस्ट मैच भी खेलने हैं.

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