Published: Wednesday, September 30, 2026, 16:27 [IST]
INDIA Bloc Meeting: चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर विपक्षी INDIA ब्लॉक ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है। 30 सितंबर को दिल्ली में हुई विपक्षी दलों की बैठक में तय हुआ कि 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। इससे पहले 2 से 8 अक्टूबर तक 'सेव डेमोक्रेसी' मार्च निकालने का कार्यक्रम भी तय किया गया है। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने की तैयारी में हैं।
इस बैठक से ठीक पहले कांग्रेस कार्यसमिति यानी CWC की बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मुद्दा भी उठा। यहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और सोनिया गांधी के बीच नीतीश कुमार के INDIA गठबंधन छोड़ने को लेकर अलग-अलग राय सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक, दिग्विजय सिंह ने माना कि नीतीश को गठबंधन में बनाए रखने की कोशिश की जानी चाहिए थी, जबकि सोनिया गांधी ने इसके उलट कहा कि उनका गठबंधन से अलग होना ही बेहतर था।
पहले समझिए 6 अक्टूबर को क्या होने वाला है?
INDIA ब्लॉक की 30 सितंबर की बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त अभियान की रणनीति तय की गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मुताबिक, 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। इसके अलावा 2 से 8 अक्टूबर के बीच 'सेव डेमोक्रेसी' मार्च और जिला स्तर पर प्रदर्शन का कार्यक्रम भी बताया गया है। विपक्ष की प्रमुख चिंताओं में SIR यानी Special Intensive Revision, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली शामिल हैं। INDIA ब्लॉक की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई व हटाने की मांग को लेकर भी चर्चा हुई।
हालांकि, इन मुद्दों पर चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। आयोग ने कहा है कि मतदाता सूची से जुड़े बदलाव निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत किए जाते हैं। हाल में आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े सॉफ्टवेयर की समीक्षा और प्रक्रिया में कुछ बदलावों की घोषणा भी की है।
अब CWC में क्यों उठा नीतीश कुमार का मुद्दा?
INDIA ब्लॉक की मौजूदा रणनीति के बीच कांग्रेस की CWC बैठक में 2024 के घटनाक्रम पर चर्चा हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, दिग्विजय सिंह ने नीतीश कुमार के गठबंधन से बाहर निकलने का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उन्हें गठबंधन में बनाए रखा जाता तो राजनीतिक परिस्थितियां अलग हो सकती थीं।
दिग्विजय सिंह का तर्क था कि नीतीश कुमार विपक्षी गठबंधन की शुरुआती कवायद में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे और उन्हें साथ बनाए रखने की कोशिश की जानी चाहिए थी।
सोनिया गांधी ने क्या कहा?
रिपोर्टों के मुताबिक, दिग्विजय सिंह की बात पर सोनिया गांधी ने अलग राय रखी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पहले से ही INDIA गठबंधन से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे थे और उनका चले जाना बेहतर हुआ। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि सोनिया गांधी ने नीतीश कुमार पर बीजेपी के प्रभाव का जिक्र किया। यह CWC बैठक के अंदर हुई चर्चा के बारे में कांग्रेस सूत्रों के हवाले से सामने आया है।
नीतीश कुमार INDIA गठबंधन से कब अलग हुए थे?
INDIA गठबंधन के गठन में नीतीश कुमार की भूमिका अहम रही थी। 2023 में विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने के लिए पटना समेत कई शहरों में बैठकों का दौर चला। बाद में विपक्षी दलों ने INDIA गठबंधन के नाम से लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया।
लेकिन जनवरी 2024 में नीतीश कुमार ने महागठबंधन से अलग होकर बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA में वापसी कर ली। इसके बाद उन्होंने बिहार में NDA के साथ सरकार बनाई। यही वजह है कि अब CWC में इस पुराने घटनाक्रम की चर्चा के मायने निकाले जा रहे हैं।
दिग्विजय सिंह बनाम सोनिया गांधी की राय में फर्क क्या है?
पूरे विवाद को दो अलग नजरिए से समझा जा सकता है। दिग्विजय सिंह का नजरिया है कि नीतीश कुमार विपक्षी एकता की शुरुआती प्रक्रिया में महत्वपूर्ण थे। अगर उन्हें गठबंधन में बनाए रखा जाता तो राजनीतिक समीकरण अलग हो सकते थे।
सोनिया गांधी का नजरिया है कि नीतीश कुमार गठबंधन से अलग होने का रास्ता पहले से तलाश रहे थे। इसलिए उनका अलग होना गठबंधन के लिए जरूरी तौर पर नुकसान नहीं था। यानी CWC में मूल सवाल यह था कि नीतीश का जाना विपक्षी गठबंधन की रणनीतिक गलती थी या एक ऐसी स्थिति जिसे टाला नहीं जा सकता था?
2024 में बिहार का चुनावी गणित क्या रहा?
नीतीश कुमार के INDIA ब्लॉक से अलग होने के बाद 2024 लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 सीटों पर NDA ने 30 सीटें जीतीं, जबकि INDIA ब्लॉक को 9 सीटें मिलीं। एक सीट निर्दलीय पप्पू यादव के खाते में गई।
सीटों का बंटवारा इस तरह रहा...
| गठबंधन/पार्टी | सीटें |
| BJP | 12 |
| JDU | 12 |
| LJP (राम विलास) | 5 |
| HAM | 1 |
| RJD | 4 |
| कांग्रेस | 3 |
| CPI(ML) | 2 |
| निर्दलीय पप्पू यादव | 1 |
इस आंकड़े से बिहार में 2024 के चुनावी नतीजे स्पष्ट होते हैं, लेकिन केवल इसी आधार पर यह निष्कर्ष निकालना कि नीतीश के INDIA ब्लॉक से बाहर जाने की वजह से ही सीटों का यह परिणाम आया, उचित नहीं होगा। चुनाव परिणाम कई कारकों से प्रभावित होते हैं।
अब INDIA ब्लॉक के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
30 सितंबर की बैठक का तत्काल मुद्दा नीतीश कुमार नहीं बल्कि चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया है। विपक्षी दल SIR, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर संयुक्त राजनीतिक अभियान चलाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, गठबंधन के भीतर भी पूरी एकरूपता नहीं दिखी। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ प्रमुख दल बैठक से दूर रहे। इसलिए 6 अक्टूबर का मार्च सिर्फ चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की रणनीति नहीं, बल्कि INDIA ब्लॉक की आपसी समन्वय क्षमता की भी परीक्षा होगा।