भिवानी के महाराजा नीमपाल सिंह राजकीय महाविद्यालय में आयोजित प्रतिभा खोज कार्यक्रम में प्रस्तुति देते हुए प्रतिभागी।
भिवानी के महाराजा नीमपाल सिंह राजकीय महाविद्यालय में सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के तत्वावधान में दो दिवसीय प्रतिभा खोज कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नृत्य, गायन एवं नाटक सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का
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भिवानी के महाराजा नीमपाल सिंह राजकीय महाविद्यालय में आयोजित प्रतिभा खोज कार्यक्रम में प्रस्तुति देते हुए प्रतिभागी।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. रणधीर सिंह समोता ने कहा कि कार्यक्रम के दूसरे दिन विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। जिनमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। महाविद्यालय प्रेस प्रभारी डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पंजाबी नृत्य प्रतियोगिता में चंचल ने प्रथम, अंजु ने द्वितीय तथा चांदनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। हरियाणवी नृत्य प्रतियोगिता में दिव्यांशु प्रथम, रश्मि द्वितीय तथा चंचल तृतीय स्थान पर रही। गायन प्रतियोगिता में हृदयांश ने प्रथम, रीना ने द्वितीय तथा पायल ने तृतीय स्थान हासिल किया। नाटक प्रतियोगिता में सोनिया ने प्रथम, हृदयांश ने द्वितीय तथा कुणाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

भिवानी के महाराजा नीमपाल सिंह राजकीय महाविद्यालय में आयोजित प्रतिभा खोज कार्यक्रम में प्रस्तुतियों को सम्मानित करते हुए।
सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम कार्यक्रम प्रभारी डॉ. रणधीर सिंह समोता ने कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इनसे आत्मविश्वास, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास होता है तथा विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलता है। महाविद्यालय के प्राचार्य जगबीर सिंह श्योराण ने प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों की छिपी हुई एवं मौलिक प्रतिभाओं को उभारने में सहायक होते हैं।

भिवानी के महाराजा नीमपाल सिंह राजकीय महाविद्यालय में आयोजित प्रतिभा खोज कार्यक्रम में प्रस्तुतियों को सम्मानित करते हुए।
ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे महाविद्यालय में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक एवं अन्य पाठ्य-सहगामी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लें। प्राचार्य ने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता ही ऐसे आयोजनों की सफलता का आधार है। इस अवसर पर डॉ. राजकुमार, डॉ. हरिओम शर्मा, डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. कुलवीर सिंह व डॉ. सुरेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।