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IIT दिल्ली: ऋषिकेश मामले पर आशुतोष रांका बोले, 'मेरे टाइम भी...'

August 28, 2026

IIT दिल्ली में ऋषिकेश नाम के छात्र की खुदकुशी पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि बहुत दुख होता है और बहुत गुस्सा भी आता है कि इतने सालों बाद भी आईआईटी में सेम इश्यूज हैं.

Written By : अजीत कुमार, स्टेट डेस्क |  Updated at : 28 Aug 2026 05:58 PM (IST)

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Ashutosh Ranka CJP Reaction on IIT Delhi student named Rishikesh allegedly committed suicide IIT दिल्ली: ऋषिकेश मामले पर आशुतोष रांका बोले, 'मेरे टाइम भी...'

(IIT दिल्ली प्रोटेस्ट पर क्या बोले आशुतोष रांका, फाइल फोटो)

आईआईटी (IIT) दिल्ली में 22 अगस्त को एक बिल्डिंग से कूदकर ऋषिकेश नाम के छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. इस घटना के बाद से कैंपस में छात्रों का प्रदर्शन जारी है. इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि पिछले 5 सालों में 65 से ज्यादा सुसाइड के मामले में IITs में सामने आ चुके हैं. रांका ने आरोप लगाते हुए कहा कि किसी भी कॉलेज में मेंटल हेल्थ सपोर्ट के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है.

सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आगे कहा, ''मुझे IIT कानपुर से ग्रेजुएट किए हुए 10 साल हो गए. बहुत दुख होता है और बहुत गुस्सा आता है कि इतने सालों बाद भी IIT में सेम इश्यूज हैं. मेरे टाइम भी एक मेरे बैचमेट ने सुसाइड की थी. मेरे कॉलेज के सीनियर ने सुसाइड की थी और आज ऋषिकेश के बारे में सुनकर बहुत गुस्सा आ रहा है.'' 

— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) August 28, 2026

'हॉस्टल में रहने की जगह नहीं दिला पाए तो शर्म आनी चाहिए'

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि पिछले 5 सालों में 65 से ज्यादा सुसाइड IITs में हो चुकी हैं. बहुत सारी ऐसी सुसाइड भी होंगी जो डॉक्यूमेंट नहीं की गई है. ऋषिकेश के पिता की मौत के बाद भी आपको उसको उचित मेंटल हेल्थ सपोर्ट नहीं दिला पाए, आप उसको हॉस्टल में रहने की जगह नहीं दिला पाए तो शर्म आनी चाहिए.''

मेंटल हेल्थ सपोर्ट के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति- आशुतोष रांका

आशुतोष रांका ये भी कहा, ''मेंटल हेल्थ सपोर्ट इस देश में इतना बड़ा टैबू बना दिया गया है. किसी भी संस्थान और कॉलेज में मेंटल हेल्थ सपोर्ट के नाम पर सिर्फ और सिर्फ खानापूर्ति की जाती है. आप बच्चों को उस तरह का सपोर्ट क्यों नहीं दे रहे हैं?'' 

उन्होंने कहा कि ऋषिकेश के केस में मैंने सुना कि इसको सेमेस्टर ड्रॉप के बाद एकेडमिक प्रोजेक्ट्स लेने में दिक्कत आई. उसे हॉस्टल में एकोमोडेशन लेने में भी दिक्कत आई. रांका ने कहा, ''किसी बच्चे ने अगर अपने पिता को खोया है, आप सोचिए की उस समय उसकी क्या स्थिति होगी. आपने बिल्कुल भी उसको किसी प्रकार का सपोर्ट नहीं किया. आपको बहुत शर्म आनी चाहिए.''

IIT दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन जारी, ऋषिकेश मामले में जांच की मांग

अजीत कुमार एबीपी लाइव में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. करीब एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. अपने दृष्टिकोण के प्रति जागरूक और हमेशा कुछ नया सीखने की जिज्ञासा. राजनीति की खबरों में खास रुचि. तथ्यों पर सवाल उठाने, डेटा विश्लेषण और सोच-समझकर निर्णय लेने में सक्षम. खाली वक्त में किताबें पढ़ने और संगीत से जुड़ाव.

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Published at : 28 Aug 2026 05:57 PM (IST)

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