- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Gorakhpur
- Gorakhpur DM Deepak Meena Calls Tea Seller Sisters For Help | IAS Aspirants
आंचल द्विवेदी। गोरखपुर1 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

गोरखपुर में IAS बनने और पैरालाइज पिता की दवा के लिए चाय बेचने वाली बहनों से रविवार को DM दीपक मीणा ने फोन पर बात की। उन्होंने परिवार के बारे में पूछा और पिता का हाल चाल लिया। उसके बाद सोमवार सुबह 10 बजे आवास पर बुलाया है। DM ने बहनों को आश्वासन दिया कि हर संभव मदद करेंगे।
तीनों बहनें मिलकर दिन भर दुकान चलाती हैं और रात को दो बजे तक यूट्यब से तैयारी करती हैं। कुछ समय पहले इन बहनों के हौसलों की कहानी दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से चलाई थी। जिसके बाद प्रशासन ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। बड़ी बहन वर्तिका उपाध्याय ने बताया कि रात करीब 9 बजे DM सर के ऑफिस से काल आया था। बात करने वाले व्यक्ति ने कहा कि DM सर आपसे मिलना चाहते हैं।

12 घंटे तक दोनों बहनें चाय की दुकान चला रही हैं।
पैरालाइज हैं पिता, घर की जिम्मेदारी बहनों के कंधे पर
महराजगंज की रहने वाली वंदिता उपाध्याय ने बताया कि मैं परिवार के साथ बरगदवां में किराए के मकान में रहती हूं। मेरे पिता रामसकल उपाध्याय पहले महराजगंज में रिलायंस लाइफ एंड इंश्योरेंस कंपनी में ब्रांच मैनेजर थे। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक थी। 2017 में पिता पैरालाइज हो गए। इसके बाद उनकी नौकरी छूट गई। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने लगी। मां माधुरी हाउसवाइफ हैं। घर में कमाई का कोई दूसरा स्थायी जरिया नहीं था।
ट्यूशन पढ़ाया, नौकरी भी की लेकिन खर्च नहीं निकला
वंदिता ने बताया कि पिता की दवाइयों और घर के खर्च के साथ हम तीनों बहनों के भविष्य की चिंता भी थी। मैंने छोटे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। इसके अलावा छोटी-मोटी नौकरी भी की। लेकिन इससे परिवार का खर्च पूरा नहीं हो पा रहा था।
करीब 4 साल पहले हम तीनों बहनों ने चाय की दुकान खोलने की प्लानिंग की। सोचा कि कम बजट में चाय का स्टॉल शुरू करना आसान है। मगर मां ने मना कर दिया। बोलीं- हमारे रिश्तेदार संपन्न हैं। वह ऐसे देखेंगे तो क्या सोचेंगे? हमारा मजाक बनाएंगे।

बिलीवर बिस्ट्रो पर छात्र ही नहीं वहां से गुजरने वाले लोग भी चाय पीने आ रहे हैं।
8 हजार जमा किए, फिर चाय की दुकान खोली
इसके बाद चाय की दुकान खोलने का आइडिया स्किप कर दिया। लेकिन घर की हालत धीरे-धीरे खराब होने लगी। परिवार में आर्थिक तंगी का असर बड़े भाई की पढ़ाई पर भी पड़ा। 26 वर्षीय शिवम उपाध्याय ने 12वीं तक पढ़ाई की है। इसके बाद उनकी पढ़ाई छूट गई। फिलहाल वे घर से ही एक कंपनी के लिए टेलीकॉलर का काम करते हैं।
4 महीने पहले हम तीनों बहनों ने फिर से पुराने आइडिया पर काम किया और 8 हजार रुपए से DDU के गेट के सामने चाय का स्टॉल शुरू कर दिया। हमने अपने स्टॉल का नाम रखा- बिलीवर बिस्ट्रो। शुरुआती दिनों में कुछ अजीब लगा, क्योंकि हम लोग वहीं पढ़ते थे। मगर धीरे-धीरे सबकुछ सामान्य हो गया। लोग आने लगे, लोगों को हमारी चाय का स्वाद पंसद आया। जब बिक्री से कुछ मुनाफा होने लगा तो मैंने चाय के साथ मैगी भी मेन्यू में शामिल कर ली।

वंदिता ने बताया कि हम चाय बेचने के साथ पढ़ भी रहे हैं।
बड़ी बहन वर्तिका IAS की तैयारी में लगी हुई है। उन्हें आगे चलकर DM बनना है। वहीं वंदिता और अवंतिका अभी भी कॉलेज में है। साथ ही दिन भर चाय की दुकान संभालती है तो तैयारी के लिए कम समय दे पाती। लेकिन रात में 12 से 2 बजे तक जरूर पढ़ती हैं। वंदिता को IPS बनकर पुलिस विभाग में जाना है, जबकि अवंतिका IAS बनना चाहती हैं।

मां माधुरी ने कहा कि मुझे अपनी बेटियों पर गर्व है।
मां बोली- बेटियां मेरी हिम्मत
मां माधुरी का कहना है कि हमारे बुरे वक्त में भी मेरी बेटियां हिम्मत बनी हैं। पहले मैं लोग क्या सोचेंगे इससे डर कर कर स्टॉल लगाने से मना करती थी लेकिन अब मुझे खुशी है कि वो अपना काम कर रही हैं। उनका सपना जरुर पूरा होगा।
वहीं पिता रामसकल का कहना है कि मुझे बेटियों पर गर्व है। पिछले कुछ सालों में बिना किसी के सपोर्ट के जैसे उन्होंने पूरा परिवार संभाला है, वह छोटी बात नहीं है। मुझे खुशी है कि जो मैं उनके लिए नहीं कर पाया वो खुद अपने लिए कर रही हैं। हिम्मत नहीं हारी।

वर्तिका ने कहा कि मैं सेल्फ स्टडी कर रही हूं।
अभी तक 3 से 4 लाख तक इलाज में लगा
वंदिता ने बताया कि पिता अब तक कम से कम 3 से 4 लाख रुपए खर्च लग चुका है। आगे लग ही रहा है। महीने में 5 से 6 हजार उनकी दवा में लग जाता है। इलाज के लिए नेपाल भी ले जाया गया था। इस दौरान जो कुछ भी सेविंग था सब खत्म हो गया। गांव में कुछ डिसमिल खेत पड़ें हुए हैं। जिसको अगल-बगल के लोग देखते हैं।
.
खबरें और भी हैं...
गोरखपुर में सपा प्रदेश अध्यक्ष नगीना साहनी से मिले: बोले- जो हुआ, वो गलत...पूरी पार्टी उनके साथ खड़ी; 2027 में बनाएंगे सरकार
0:53- कॉपी लिंक
शेयर
गोरखपुर थप्पड़ कांड में दूसरी FIR: प्रेस क्लब अध्यक्ष ने 12 सपा नेताओं पर मुकदमा कराया, असलहा लहराने का आरोप
0:26- कॉपी लिंक
शेयर
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर कल शक्ति प्रदर्शन: ध्रुव त्रिपाठी, अजय सिंह और राकेश सिंह भरेंगे पर्चा
0:27- कॉपी लिंक
शेयर