
ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में सबसे बड़ी पारी खेली.Image Credit source: PTI
कप्तानी करना और कप्तान होकर टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाना, वो भी फाइनल में आसान काम नहीं है. खास तौर पर रेड बॉल क्रिकेट में तो ये काफी चुनौतीपूर्ण है. मगर ईशान किशन ने इस चुनौती का न सिर्फ सामना किया है, बल्कि इसे बड़ी आसानी से पार भी कर लिया. दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की कप्तानी कर रहे ईशान किशन ने फाइनल में 270 रन की पारी खेलकर रिकॉर्ड बना दिया. जाहिर तौर पर इस एक पारी से उनकी और उनके फैंस की उम्मीदें बढ़ी होंगी कि उन्हें टेस्ट टीम में जगह मिल जाएगी. मगर ऐसा होने की उम्मीद नहीं है क्योंकि फिलहाल उनके लिए टीम में जगह नहीं है.
फाइनल में कप्तान किशन का रिकॉर्ड
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने साउथ जोन के खिलाफ ये जोरदार दोहरा शतक जमाया. ईशान ने मैच के पहले दिन ही शतक जड़ दिया था. इसके बाद मैच के दूसरे दिन 7 सितंबर को ईशान ने अपनी पारी को आगे बढ़ाया और दोहरा शतक जमा दिया. वो सिर्फ 200 रन पर ही नहीं रुके बल्कि 250 रन पर रिटायर्ड हर्ट होने के बाद दोबारा लौटे और आखिर में 270 रन बनाकर आउट हुए. ये दलीप ट्रॉफी में किसी विकेटकीपर-बल्लेबाज की सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड है.
ईशान किशन की ये पारी इसलिए खास और अहम है क्योंकि वो अभी तक सिर्फ टी20 और वनडे क्रिकेट के ही बल्लेबाज माने जाते रहे हैं. हालांकि भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली भी थी लेकिन फिर ड्रॉप कर दिया गया था. ऐसे में टेस्ट टीम में अपनी जगह फिर से हासिल करने के लिए उन्हें इस फॉर्मेट में विकेटकीपिंग के साथ ही अपनी बैटिंग से भी दावा पेश करने की जरूरत है. इस एक पारी से उन्होंने इस दावेदारी को मजबूती दी है. मगर क्या ये दोहरा शतक उन्हें टीम इंडिया में वापस बुलाने के लिए काफी है?
विकेटकीपर की वैकेंसी नहीं है खाली
अगर भारतीय टेस्ट टीम के मौजूदा स्वरूप को देखें, खास तौर पर विकेटकीपर की पोजिशन पर नजर डालें तो ईशान के लिए जगह बना पाना बहुत मुश्किल है, बल्कि फिलहाल तो ये असंभव ही नजर आती है. ऐसा इसलिए क्योंकि टीम इंडिया की पहली पसंद के विकेटकीपर अभी भी ऋषभ पंत हैं, जिन्होंने इस फॉर्मेट में अपनी बैटिंग और कीपिंग से काफी असर डाला है. यहां तक कि पिछले करीब 4-5 साल में वो टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के सबसे सफल और सबसे निरंतर बल्लेबाज हैं. ऐसे में उनकी जगह तो खाली होने से रही.
मगर बैकअप विकेटकीपर के रूप में भी ईशान के लिए अपनी जगह बना पाना मुश्किल है. इस रोल में ध्रुव जुरेल को मौका दिया गया है और अपने छोटे से करियर में ही इस बल्लेबाज ने खुद को स्थापित कर दिया है. इसमें उनकी बैटिंग के साथ ही बेहद सधी और सुरक्षित विकेटकीपिंग का बड़ा योगदान है. वो परिस्थिति के हिसाब से बैटिंग करने, खास तौर पर निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ पारी को आगे बढ़ाने की अच्छी काबिलियत दिखा चुके हैं.
ईशान को कहां मिल सकती है जगह?
जाहिर तौर पर ऐसे में विकेटकीपर-बल्लेबाज की पोजिशन के लिए तो वैकेंसी खाली नहीं है. मगर ईशान किशन की राह इसलिए भी मुश्किल है क्योंकि टीम में किसी अन्य बैटिंग पोजिशन पर भी कोई जगह नहीं है. नंबर-3 पर भी अगर ईशान को आजमाने पर विचार किया जाता तो उसे भी देवदत्त पडिक्कल ने अपने दमदार प्रदर्शन से भर दिया है. ऐसे में ईशान किशन को फिलहाल कुछ और वक्त इंतजार करना पड़ सकता है. तब तक उन्हें वनडे टीम में अपनी जगह पक्की करने पर ध्यान देना होगा, जहां उनकी दावेदारी ज्यादा मजबूत है और ये पारी सेलेक्टर्स को उन्हें चुनने पर मजबूर कर सकती है.

सुमित सुन्द्रियाल
इस वक्त TV9 हिंदी (स्पोर्ट्स 9) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (स्पोर्ट्स) की भूमिका में हूं. यहां तक पहुंचने की शुरुआत 2009 से हुई, जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में मास मीडिया ऑनर्स कोर्स (2009-12) में एडमिशन लिया. फिर 2013 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट-ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा किया. यहीं से 2013 में पहली बार पेशेवर पत्रकारिता में कदम रखे और सबसे पहले न्यूज 18 इंडिया टीवी चैनल में जगह बनाई. डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेने से पहले करीब 6 साल टीवी इंडस्ट्री में ही गुजरे, जहां असानमेंट डेस्क पर काम किया. असाइनमेंट डेस्क पर रहते हुए जानकारी जुटाना सबसे अहम काम होता है और उस खबर के हर पहलू को जांचना और उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होती है. यही काम न्यूज 18 इंडिया में रहते हुए किया. इसके बाद खेल और खेल की खबरों के मोह ने डिजिटल जर्नलिज्म की ओर मोड़ा और एक नया सफर शुरू हुआ. इसकी शुरुआत IPL 2019 के दौरान हुई, जब क्विंट हिंदी का दामन थामा. एक साल क्विंट के साथ खेल की खबरें लिखने के बाद इसी काम में नया मुकाम हासिल करने के लिए TV9 हिंदी से रिश्ता जुड़ा. पिछले 3 साल से यहीं पर खेल की हर छोटी-बड़ी, गंभीर और मजेदार खबरें आप तक पहुंचा रहां हूं और लगातार बेहतर तरीके से पेश करने का प्रयास कर रहा हूं.
Read More