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भारतीय सेनाओं की बढ़ेगी ताकत, 1.10 लाख करोड़ की खरीद को मंजूरी
भारतीय सेनाओं की बढ़ेगी ताकत, 1.10 लाख करोड़ की खरीद को मंजूरी
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भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा मंत्रालय की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने सोमवार को भारतीय सेनाओं के लिए लगभग 1,10,000 करोड़ रुपए... 07.09.2026, Sputnik भारत
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भारतीय सेना के लिए रासायनिक, जैविक, रेडियोधर्मी और परमाणु (CBRN) वातावरण में काम करने में सक्षम टोही वाहनों, तीव्र गति के वाहनों (HMV), स्वचालित सुरंग बिछाने वाले वाहनों (MML), हल्के हेलीकॉप्टरों (ALH) और पुल बनाने वाली सर्वत्र प्रणाली की खरीद की जाएगी।CBRN टोही वाहन प्रदूषित क्षेत्र की पहचान करने, उस पर नजर रखने और उसे चिन्हित करने का काम करेगा। HMV कठिन पहाड़ी, रेगिस्तानी या जंगली क्षेत्र में सैनिकों और रसद को तेजी से लाने में सक्षम होगा। MML वाहनों से दुर्गम क्षेत्रों में तेजी से बारूदी सुरंगें बिछाना संभव होगा।स्वदेशी हल्के हेलीकॉप्टर का प्रयोग भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना दोनों ही अलग-अलग तरह की कार्रवाइयों में करती हैं। सर्वत्र प्रणाली से नदी-नालों के ऊपर तुरंत पुल बिछाया जा सकता है, जिससे सेना तेजी से आगे बढ़ सकती है।भारतीय नौसेना के लिए अरुधरा रडार को स्वीकृति मिली है, जो नौसैनिक केंद्रों में अभी लगे रडारों की जगह लेंगे। युद्धपोतों में लगने वाले इंजनों के डिजाइन, विकास और उत्पादन को भी स्वीकृति मिल गई, जिससे इंजनों के लिए विदेशों पर निर्भरता समाप्त होगी। भारतीय वायुसेना के लिए जमीन पर लगने वाले जैमर को स्वीकृति दी गई है, जिससे शत्रु के रडार को प्रभावी तौर पर निष्क्रिय किया जा सकेगा।
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कृष्णमोहन मिश्रा
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा मंत्रालय की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने सोमवार को भारतीय सेनाओं के लिए लगभग 1,10,000 करोड़ रुपए की खरीद को नीतिगत रूप से स्वीकृति दे दी है। इनमें से 98 प्रतिशत खरीद स्वदेशी रक्षा उद्योग से की जाएगी।
भारतीय सेना के लिए रासायनिक, जैविक, रेडियोधर्मी और परमाणु (CBRN) वातावरण में काम करने में सक्षम टोही वाहनों, तीव्र गति के वाहनों (HMV), स्वचालित सुरंग बिछाने वाले वाहनों (MML), हल्के हेलीकॉप्टरों (ALH) और पुल बनाने वाली सर्वत्र प्रणाली की खरीद की जाएगी।
CBRN टोही वाहन प्रदूषित क्षेत्र की पहचान करने, उस पर नजर रखने और उसे चिन्हित करने का काम करेगा। HMV कठिन पहाड़ी, रेगिस्तानी या जंगली क्षेत्र में सैनिकों और रसद को तेजी से लाने में सक्षम होगा। MML वाहनों से दुर्गम क्षेत्रों में तेजी से बारूदी सुरंगें बिछाना संभव होगा।
स्वदेशी हल्के हेलीकॉप्टर का प्रयोग भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना दोनों ही अलग-अलग तरह की कार्रवाइयों में करती हैं। सर्वत्र प्रणाली से नदी-नालों के ऊपर तुरंत पुल बिछाया जा सकता है, जिससे सेना तेजी से आगे बढ़ सकती है।
भारतीय नौसेना के लिए अरुधरा रडार को स्वीकृति मिली है, जो नौसैनिक केंद्रों में अभी लगे रडारों की जगह लेंगे। युद्धपोतों में लगने वाले इंजनों के डिजाइन, विकास और उत्पादन को भी स्वीकृति मिल गई, जिससे इंजनों के लिए विदेशों पर निर्भरता समाप्त होगी। भारतीय वायुसेना के लिए जमीन पर लगने वाले जैमर को स्वीकृति दी गई है, जिससे शत्रु के रडार को प्रभावी तौर पर निष्क्रिय किया जा सकेगा।

31 अगस्त , 14:35