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एथेनॉल की तरह डीजल में बायोडीजल का मिश्रण शुरू, पंपों पर हो रही बिक्री, जानें कितने परसेंट है मिलावट?

July 20, 2026

Diesel Blending: पेट्रोल में एथेनॉल मिक्स करने को लेकर चल रहा बवाल अभी खत्म भी नहीं हुआ कि सरकार जल्दी ही मिलावटी डीजल लाने की तैयारी कर रही है. आइये जानते हैं कितना प्रतिशत मिक्स होगा डीजल में जैविक.

Written By : प्रतीक्षा राणावत |  Updated at : 20 Jul 2026 04:09 PM (IST)

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Diesel Blending After Ethanol in Petrol Now Biodiesel Mixing Started in Diesel Know The Percentage of Mixing Diesel Blending: एथेनॉल की तरह डीजल में बायोडीजल का मिश्रण शुरू, पंपों पर हो रही बिक्री, जानें कितने परसेंट है मिलावट?

अब डीजल में होगी जैविक ब्लेंडिंग

Source : ABP Live

Diesel Blending: पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंड करने को लेकर देशभर में काफी बवाल चल रहा है. कई लोगों ने शिकायत की है कि उनकी गाड़ी इस पेट्रोल की वजह से खराब हो रही है. हालांकि सरकार ने इसे वापस लेने का कोई फैसला नहीं किया है. तमाम विरोध और शिकायतों के बीच अब सरकार पेट्रोल के बाद मिलावटी डीजल लाने की भी तैयारी कर रही है. जैसे बाजार में ई20 आ गया है, वैसे ही अब बी5 भी साल 2020 तक आने वाला है.

कितने प्रतिशत होगी मिलावट?
दरअसल ई-20 के बाद अब सरकार जल्दी ही बी-5 फ्यूल लाने की तैयारी कर रही है. ये मिलावटी डीजल होगी, जैसे पेट्रोल में एथेनॉल का 20 प्रतिशत मिलाकर उसे ई-20 पेट्रोल बनाया गया है, उसी तरह से 95 प्रतिशत डीजल में 5 प्रतिशत जैवित मिलाकर इस बी-5 डीजल को बनाया जाएगा. सरकार का कहना है कि इसे इंजन में किसी तरह के संशोधन के बिना इस्तेमाल किया जा सकता है.

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कैसे बनेगा बायोडीजल?
इंडियन ऑइल की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार ये डीजल जटरोफा और करंजिया से बनाया जाएगा. ये दोनों वनस्पति तेल होते हैं जिनका खाने- पीने में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. ऐसे में इनकी मदद से अच्छी किस्म का बायोडीजल बन पाएगा. सरकार के द्वारा पहले भी बायोडीजल पर बनाकर उसकी परीक्षण किया जा चुका है, जो सफल भी रहा है. हरियाणा रोडवेज, रेलवे, टाटा की मदद से 5 से 10 प्रतिशत तक मिलाकर व्यापक परीक्षण किया जा चुका है.

प्रदूषण होगा नियंत्रित
इस बायोडीजल को बनाना के उद्देश्य वही है जो ई-20 को लेकर सरकार का लक्ष्य रहा है. सरकार चाहती है कि तेल को लेकर अन्य देशों पर निर्भरता सही नहीं है. ऐसे में घरेलू उत्पादन ही ज्यादा सही होगा. इसके अलावा इस फ्यूल की मदद से प्रदूषण भी नियंत्रित होगा. ई-20 का लक्ष्य तय समय से पहले ही प्राप्त हो गया है. ऐसे में साल 2030 तक बायोडीजल लाने का भी सरकार का प्लान है.

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प्रतीक्षा राणावत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 12 वर्षों का अनुभव है. इन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मल्टीमीडिया (B.Sc - Multimedia) में ग्रेजुएशन किया है और इसके बाद जन संचार (Mass Communication) में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया है. अपने करियर की शुरुआत इन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, लेकिन समय के साथ लेखन में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई. वर्तमान में प्रतीक्षा बिजनेस और यूटिलिटी विषयों के लिए लेखन करती हैं. इसके अलावा इन्होंने लंबे समय तक एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर भी लिखा है. लिखने के साथ- साथ ही इन्हें ट्रैवलिंग, नई चीज़ों को एक्सप्लोर करना और किताबें पढ़ने का भी शौक है

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Published at : 20 Jul 2026 04:09 PM (IST)

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