MP Flood: CM मोहन यादव ने चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। पीड़ितों से संवाद कर राहत सामग्री बांटी और नुकसान के सर्वे के बाद आर्थिक मदद का भरोसा दिया।
Mohan Yadav Chitrakoot Visit
- Published: 30 Aug 2026, 11:42 AM IST
- Last Updated: 30 Aug 2026, 11:42 AM IST
MP Flood: मध्यप्रदेश में बाढ़ और अतिवृष्टि के हालात के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मोर्चा संभाल लिया है। नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे मुख्यमंत्री ने रात में ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति पर आपात बैठक की। इसके बाद 30 अगस्त की सुबह चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री चित्रकूट विकास प्राधिकरण के आश्रय स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी परेशानियां सुनीं और राहत सामग्री वितरित की।
आश्रय स्थल पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से की मुलाकात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट विकास प्राधिकरण के आश्रय स्थल में ठहरे बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़ी है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सीएम ने प्रभावित लोगों को राहत सामग्री भी वितरित की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आश्रय स्थलों पर रह रहे लोगों को भोजन, पेयजल और चिकित्सा सहित जरूरी सुविधाओं में किसी तरह की परेशानी न हो।
सेमरावल और मंदाकिनी नदी में बढ़ा जलस्तर
चित्रकूट में हुई अतिवृष्टि के कारण सेमरावल और मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई। नदी का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया और घरों में रखा सामान भी प्रभावित हुआ।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार बाढ़ ने पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। हालांकि प्रशासन की सतर्कता और समय रहते किए गए राहत-बचाव प्रयासों के कारण अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
सीएम बोले- राहत और बचाव में कमी नहीं होनी चाहिए
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों तक सूखा राशन, भोजन, पीने का पानी, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सामग्री तत्काल पहुंचाई जाए।
सीएम ने कहा कि फिलहाल सरकार की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित रखना और उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराना है। जलस्तर कम होने के बाद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
बाढ़ से हुए नुकसान का होगा सर्वे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। इसके लिए प्रभावित क्षेत्रों में विधिवत सर्वे कराया जाएगा। जिन लोगों के पशुओं की हानि हुई है या जिनकी संपत्ति और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है, उनके नुकसान का आकलन कर नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
रात में रीवा पहुंचे थे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बाढ़ की स्थिति की जानकारी लेने के लिए 29 अगस्त की रात नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे थे। रीवा पहुंचते ही उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक की और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली।