Health Benefits of Popcorn And Its Side Effects: मूवी देखने जाएं और हाथ में गरमागम, कुरकुरा और मक्खन की खुशबू से महकता पॉपकॉर्न हो, तो मजा दोगुना हो जाता है। इसकी खुशबू और स्वाद ऐसा है कि फिल्म देखते-देखते कब पूरा पैकेट खत्म हो जाता है, पता ही नहीं चलता। लेकिन क्या आपका यह पसंदीदा मूवी स्नैक वाकई उतना ही सुरक्षित है, जितना आप इसे मानते हैं? दरअसल, पॉपकॉर्न एक साबुत अनाज है, जिसे फाइबर वाला स्नैक भी कहा जाता है। लेकिन परेशानी तब शुरू होती है, जब इसमें जरूरत से ज्यादा मक्खन, नमक, चीनी या फ्लेवरिंग मिला दी जाती है, जो कि इसकी पौष्टिकता पर बड़ा असर डालते हैं और इसे अनहेल्दी बना देते हैं।
पॉपकॉर्न नहीं उसमें इस्तेमाल इंग्रेडिएंट बढ़ाते हैं
सादा एयर-पॉप्ड पॉपकॉर्न हल्का स्नैक है, क्योंकि इसमें साबुत मक्का इस्तेमाल होता है। इसमें फाइबर भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है। लेकिन मूवी थिएटर या बाजार में मिलने वाले पॉपकॉर्न में अतिरिक्त तेल, मक्खन, नमक और फ्लेवरिंग की मात्रा काफी होती है। इसलिए पॉपकॉर्न को पूरी तरह ‘अनहेल्दी’ कहना सही नहीं है, बल्कि यह समझना जरूरी है कि वह कैसे तैयार किया गया है और उसमें क्या-क्या मिलाया गया है।
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ज्यादा नमक का मतलब ज्यादा सोडियम
पॉपकॉर्न का स्वाद बढ़ाने के लिए उसमें नमक का खूब इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन जैसा कि कई अध्ययनों में साबित हो चुका है कि ज्यादा सोडियम का सेवन लंबे समय में हाई ब्लड प्रेशर के जोखिम से जुड़ा है। खासकर जिन लोगों को डॉक्टर ने सोडियम सीमित करने की सलाह दी है। ऐसे में उन्हें ऐसे स्नैक्स की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आहार विशेषज्ञों के अनुसार स्वाद के लिए हर बार अतिरिक्त नमक डालने के बजाय हल्का नमकीन पॉपकॉर्न चुनना बेहतर विकल्प हो सकता है।
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मक्खन और फ्लेवरिंग पर रखें नजर
आपको मक्खन वाले, चीज फ्लेवर, कैरेमल या अन्य टॉपिंग पॉपकॉर्न काफी स्वादिष्ट लगते होंगे, लेकिन क्या आपको पता है कि इसके साथ कैलोरी, वसा और कभी-कभी अतिरिक्त चीनी भी बढ़ जाती है। खासकर अगर आप इसका लगातार सेवन कर रहे हों तो। जानकार बताते हैं कि समस्या सिर्फ एक बार पॉपकॉर्न खाने से नहीं, बल्कि बड़ी सर्विंग और बार-बार सेवन से भी पैदा होती है। इसलिए आहार विशेषतज्ञ सुझाते हैं कि आप पॉपकॉर्न की टॉपिंग कम रखें और कम मात्रा में ही इसका सेवन करें।
हाई ब्लड प्रेशर और फैट बढ़ा सकते हैं।
पॉपकॉर्न अपने आप में नुकसानदायक नहीं है, लेकिन इसमें अतिरिक्त फ्लेवरिंग मिलाने से कई स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ जाती हैं। दरअसल अधिक नमक के कारण शरीर में सोडियम बढ़ सकता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम बढ़ता है। ज्यादा मक्खन और तेल लेने से कैलोरी व वसा की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है। कैरेमल जैसे मीठे फ्लेवर शुगर की मात्रा बढ़ा सकते हैं। साथ ही बार-बार ज्यादा मात्रा में खाने से संतुलित आहार प्रभावित हो सकता है।
सेहतमंद पॉपकॉर्न के लिए अपनाएं ये आसान फॉर्मूला
अगर आपको पॉपकॉर्न काफी पसंद हैं, तो इसे पूरी तरह छोड़ने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप घर पर कम तेल में या एयर-पॉप्ड तरीके से तैयार करें। नमक सीमित रखें, मक्खन या फ्लेवरिंग कम से कम इस्तेमाल करें और सबसे महत्वपूर्ण कम मात्रा में खाएं। मूवी देखते समय बड़े डिब्बे के बजाय छोटी मात्रा लेना आपको बिना जरूरत से ज्यादा खाए स्वाद का आनंद लेने में मदद कर सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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