मोदी के साथ गदर फिल्म देखने वाले राज्यसभा उम्मीदवार बने:कानपुर में गोपीकृष्ण को टिकट मिला, पीएम उनके घर ठहरे थे; प्रकाश पाल भी प्रत्याशी
कानपुर3 मिनट पहले
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भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव-2026 के लिए यूपी से 8 नामों में दो उम्मीदवार कानपुर से बनाया है। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करीबी जूही बारादेवी चौराहा निवासी गोपी कृष्ण पांडेय और बीजेपी पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल का नाम शामिल किया है।
गोपीकृष्ण पांडेय लंबे समय से गुजरात में रहकर आरएसएस और भाजपा के लिए काम कर रहे थे। मुख्यमंत्री बनने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2001 में कानपुर आए थे। दो दिन गोपीकृष्ण पांडेय के घर पर रुके थे। इस दौरान मोदी ने उनके साथ लाल पैलेस में गदर फिल्म भी देखी थी। कानपुर से जाने के 11 दिन बाद ही वह गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे।
प्रकाश पाल ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहने से पहले कानपुर-बुंदेलखंड के क्षेत्रीय अध्यक्ष थे और उनका लंबे समय से संगठन में काम करने का अनुभव है। यूपी में ओबीसी व पाल बिरादरी के वोटरों को साधने के लिए उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है।

यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल।
पहले प्रकाश पाल को जानिए…
संघ के तहसील प्रचारक से सियासी सफर शुरू किया
प्रकाश पाल कानपुर के बर्रा के रहने वाले हैं। परिवार में पत्नी नीतू पाल के अलावा दो बच्चे दिव्या और अशमेंद्र हैं। वर्ष 1992 में संघ के तहसील प्रचारक के दायित्व के साथ अपने राजनीतिक-सामाजिक सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह लगातार संगठन के लिए काम करते रहे। भारतीय जनता पार्टी के विभिन्न संगठनात्मक पदों पर रहते हुए उन्होंने मिली जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
प्रदेश की 24 सीटों पर पाल समाज का असर
यूपी के ब्रज, बुंदेलखंड और पूर्वांचल के कई जिलों में पाल समाज का अच्छा प्रभाव है। इस समाज से जुड़ी उपजातियों को मिलाकर पूरे उत्तर प्रदेश में इसकी आबादी करीब 5 से 8 प्रतिशत है। प्रदेश की लगभग 24 विधानसभा सीटों पर पाल समाज के मतदाता निर्णायक भूमिका में रहते हैं। बीजेपी में प्रकाश पाल बड़े नेताओं में शामिल हैं। बड़ी जिम्मेदारियां संभालते हुए उन्होंने संगठन के लिए लगातार काम किया है।

गोपी बाल कृष्ण पांडेय को भी राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है।
अब गोपी कृष्ण पांडेय को जानिए…
कानपुर के बारादेवी चौराहे के पास रहने वाले गोपी कृष्ण पांडेय पेशे से किसान हैं। परिवार में पत्नी मंजू पांडेय के अलावा एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटा ऋषभ पांडेय और बहू स्वाति बेल्जियम में नौकरी करते हैं। बेटी निवेदिता की शादी नोएडा में हुई है।
संघ से जुड़े, युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके
गोपी कृष्ण पांडेय राष्ट्री स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। वह बजरंग दल के जिला सह-संयोजक और हिन्दू जागरण मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
बीजेपी किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष के साथ ही वह किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य भी रहे हैं। इसके अलावा, बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर भी जिम्मेदारी का निर्वहन कर चुके हैं।

बीजेपी नेता प्रमोद अग्रहरि ने बताया गोपीकृष्ण पांडेय प्रधानमंत्री के संघर्ष के दिनों से साथ हैं।
मोदी के संघर्ष के दिनों के साथी हैं गोपीकृष्ण
गोपीकृष्ण के नजदीकी भाजपा नेता प्रमोद अग्रहरी उर्फ बॉर्डर ने बताया कि गोपीकृष्ण पांडेय लंबे समय से गुजरात में भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब मुख्यमंत्री भी नहीं बने थे तो 2001 में कानपुर आए थे। इस दौरान वह दो दिन गोपीकृष्ण पांडेय के घर पर ही रुके थे।
उस दौरान गदर फिल्म रिलीज हुई थी तो उन्होंने गोपीकृष्ण के साथ जूही लाल पैलेस में गदर फिल्म भी देखी थी। इसके बाद गुजरात जाने पर ही वह पहली बार वहां के सीएम बने थे। वह अपने संघर्ष के साथी को नहीं भूले और अब गोपीकृष्ण पांडेय को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है। उनके नाम की घोषणा होने के बाद से परिवार और इलाके के लोगों में खुशी की लहर है। घर के बाहर मिलने वालों का तांता लगा हुआ है।

भाजपा की ओर से जारी उम्मीदवारों की लिस्ट में प्रकाश पाल का तीसरे नंबर पर और गोपी कृष्ण पांडेय का नाम पांचवें नंबर पर है।
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