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Bihar News: कृषि सांख्यिकी को मजबूत करने के लिए बिहार में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला, दो चरणों में हो रहा आयोजन

September 24, 2026

बिहार में दो-चरणीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य डेटा संग्रह, रखरखाव, सत्यापन और विश्लेषण में सुधार करके कृषि सांख्यिकी को बढ़ाना है। कार्यशाला ग्रामीण विकास और राज्य में कृषि योजना को मजबूत करने के लिए डेटा गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण पर केंद्रित है।

By Oneindia Staff

Time Published: Thursday, September 24, 2026, 21:31 [IST]

पटना, 24 सितंबर 2026: बिहार में कृषि सांख्यिकी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से योजना एवं विकास विभाग के अंतर्गत अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा खरीफ मौसम का राज्य स्तरीय वार्षिक आवृत्तीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित किया जा रहा है। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दक्षिण और उत्तर बिहार के प्रतिभागियों के लिए दो चरणों में आयोजित किया गया है।

Bihar Agriculture Statistics Training Workshop

कार्यक्रम में योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा उपस्थित रहे। इस दौरान योजना एवं विकास विभाग के अपर सचिव श्याम बिहारी मीणा, अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय के निदेशक डॉ. नुरूल हक शिवानी सहित विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण में सभी प्रमंडलों के प्रमंडलीय उप निदेशक (सांख्यिकी), जिला सांख्यिकी पदाधिकारी और अन्य संबंधित सांख्यिकी पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल हो रहे हैं।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कृषि से जुड़े विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध आंकड़ों के संग्रहण एवं उपयोग को बेहतर बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान कृषि सांख्यिकी के संग्रहण, संधारण, सत्यापन, गुणवत्ता सुधार और सांख्यिकीय विश्लेषण से जुड़े विषयों पर प्रतिभागियों को जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

विभाग के अनुसार, कृषि बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और विकास का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में कृषि क्षेत्र से संबंधित सटीक आंकड़े नीतियों और योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा कृषि क्षेत्र की वास्तविक स्थिति के आकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

दक्षिण और उत्तर बिहार के लिए अलग-अलग चरण

राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो चरणों में आयोजित किया गया है।*दक्षिण बिहार: 22 से 23 सितंबर 2026 तक*उत्तर बिहार: 24 से 25 सितंबर 2026 तक

कृषि आंकड़ों की गुणवत्ता और तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर फोकस

प्रशिक्षण के दौरान कृषि सांख्यिकी के संग्रहण और संधारण की प्रक्रिया को मजबूत करने के साथ-साथ आंकड़ों की शुद्धता, विश्वसनीयता और समयबद्धता में सुधार पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा सांख्यिकी से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने तथा सांख्यिकीय विश्लेषण के माध्यम से कृषि क्षेत्र का बेहतर आकलन करने के तरीकों पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में मैदानी सर्वेक्षण, कृषि गतिविधियों से जुड़े आंकड़ों के संग्रहण, डेटा की गुणवत्ता और उसके विश्लेषण की प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आधुनिक एवं डिजिटल माध्यमों के उपयोग, आंकड़ों के व्यवस्थित संधारण और उपलब्ध सूचनाओं के प्रभावी विश्लेषण से जुड़े विषय भी प्रशिक्षण का हिस्सा हैं।

डेटा आधारित नीति निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और कृषि विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद करना भी है। कृषि सांख्यिकी से प्राप्त आंकड़ों के जरिए फसल उत्पादन और कृषि गतिविधियों की स्थिति को समझने के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं के लिए तथ्यात्मक आधार तैयार करने में सहायता मिलेगी।

अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय की यह पहल कृषि सांख्यिकी से जुड़े मानव संसाधनों के क्षमता निर्माण और राज्य में विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि आंकड़ों की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है। प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकी ज्ञान को मैदानी स्तर पर लागू करने से कृषि आंकड़ों के संग्रहण और विश्लेषण की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

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