भोपाल में साइबर ठगों और जालसाजों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे डॉक्टर बनकर इलाज के नाम पर लोगों की सेहत और जेब, दोनों से खिलवाड़ कर रहे हैं। साइबर सेल की तमाम चेतावनियों के बावजूद ठग रोज नए पैंतरे अपनाकर सीधे-साधे नागरिकों को अपना शिकार बना रहे हैं। ताजा मामला एमपी नगर थाना क्षेत्र का है, जहां एक शातिर जालसाज ने खुद को फिजियोथेरेपिस्ट बताकर 64 वर्षीय बुजुर्ग को बिना ऑपरेशन घुटने का दर्द ठीक करने का झांसा दिया और उनसे चार लाख रुपये ठग लिए।
सब्जी मंडी से बिछाया ठगी का जाल
पुलिस के अनुसार, सनसिटी निवासी 64 वर्षीय दीपरत्न सक्सेना जब बिट्टन मार्केट स्थित सब्जी मंडी गए थे, तब ठगों के गिरोह की नजर उन पर पड़ी। घुटने के दर्द से परेशान दीपरत्न से एक अज्ञात युवक ने हमदर्दी जताते हुए बातचीत शुरू की। उसने बताया कि उसके पिता भी इसी तरह के दर्द से पीड़ित थे और एक विशेषज्ञ डॉक्टर के इलाज से पूरी तरह ठीक हो गए।
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इसके बाद युवक ने उन्हें कथित फिजियोथेरेपिस्ट आशीष आचार्य का मोबाइल नंबर दिया। झांसे में आकर बुजुर्ग ने उससे संपर्क किया। दो दिन बाद आरोपी आशीष आचार्य उनके घर पहुंचा और दावा किया कि वह बिना किसी बड़े ऑपरेशन के घुटने का दर्द हमेशा के लिए ठीक कर देगा।
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शरीर का जहरीला तत्व निकालने का दावा
आरोपी ने बुजुर्ग के घुटने में ब्लेड से छोटा-सा चीरा लगाया। इसके बाद एक उपकरण की मदद से थोड़ा तरल पदार्थ बाहर निकाला और उसे शरीर का जहरीला तत्व बताकर बुजुर्ग को डरा दिया। जालसाज ने दावा किया कि इस प्रक्रिया को बार-बार करने से बीमारी जड़ से खत्म हो जाएगी।
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10 लाख रुपये की डील
ठग ने इस कथित इलाज के बदले 10 लाख रुपये की मांग की। बुजुर्ग की पत्नी ने उसके झांसे में आकर 4 लाख रुपये नकद और 6 लाख रुपये का चेक दे दिया। हालांकि, रकम देने के बाद परिजनों को आरोपी की हरकतों पर शक हुआ। उन्होंने तत्काल बैंक से संपर्क कर 6 लाख रुपये के चेक का भुगतान रुकवा दिया। इससे परिवार की 6 लाख रुपये की रकम बच गई।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के तार गुजरात के अहमदाबाद से जुड़े होने की आशंका है। पुलिस के अनुसार, गिरोह इसी तरह के तरीके से कई बुजुर्गों को अपना शिकार बना चुका है। मामले की जांच जारी है।