business-finance

90 रुपये का शेयर, GMP दिखा रहा 85 रुपये का फायदा, 289 गुना लगी है बोली

September 1, 2026

Sep 01, 2026 07:06 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

Follow us on Google News

share

मुख्य बातें

  • क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस के आईपीओ पर 289 गुना बोली लगी है
  • आईपीओ में कंपनी के शेयर का दाम 90 रुपये है
  • ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर 85 रुपये के प्रीमियम के साथ कारोबार कर रहे हैं
IPO

क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस के शेयर 2 सितंबर को बाजार में लिस्ट होंगे।

एक छोटी कंपनी क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस के आईपीओ पर लोगों ने जमकर दांव लगाया। कंपनी के आईपीओ पर 289 गुना बोली लगी। क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस के शेयर अब ग्रे मार्केट में दहाड़ रहे हैं। कंपनी के शेयर 94 पर्सेंट से अधिक के फायदे के साथ ग्रे मार्केट में कारोबार कर रहे हैं। क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस के आईपीओ में शेयरों का अलॉटमेंट मंगलवार 1 सितंबर को फाइनल होना है। कंपनी के शेयर बुधवार 2 सितंबर को बाजार में लिस्ट होंगे। क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस के आईपीओ का टोटल साइज 51 करोड़ रुपये तक का था।

90 रुपये है शेयर का दाम, 85 रुपये चल रहा है GMP
क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस (Kwick Forensic Solutions) के आईपीओ में शेयर का दाम 90 रुपये है। ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर अभी 85 रुपये के प्रीमियम के साथ ट्रेड कर रहे हैं। अगर मौजूदा ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के हिसाब से देखें तो क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस के शेयर 175 रुपये के करीब बाजार में लिस्ट हो सकते हैं। क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस के आईपीओ में जिन लोगों को कंपनी के शेयर मिलेंगे, वह लिस्टिंग वाले दिन 94 पर्सेंट से अधिक फायदे की उम्मीद कर सकते हैं।

289 गुना सब्सक्राइब हुआ है कंपनी का आईपीओ
क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस (Kwick Forensic Solutions) के आईपीओ में कुल 289 गुना बोली लगी है। कंपनी के आईपीओ में आम निवेशकों का इंडीविजुअल इनवेस्टर्स की कैटेगरी में 313.18 गुना दांव लगा है। वहीं, गैर संस्थागत निवेशकों या नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का कोटा 318.53 गुना सब्सक्राइब हुआ है। क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस के आईपीओ में क्वॉलीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का कोटा 224.32 गुना सब्सक्राइब हुआ। कंपनी के आईपीओ में आम निवेशक 2 लॉट के लिए ही दांव लगा सकते थे। आईपीओ की दो लॉट में 3200 शेयर हैं। यानी, आम निवेशकों को 2,88,000 रुपये का निवेश करना पड़ा है।

क्या करती है क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस?
क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस (Kwick Forensic Solutions) की शुरुआत मार्च 2005 में हुई है। कंपनी का पहले नाम क्विक सॉफ्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड था। कंपनी फॉरेंसिक साइंस, इविडेंस मैनेजमेंट, साइबर एंड डिजिटल फॉरेंसिक्स, डीएनए फॉरेंसिक्स और लॉ-इंफोर्समेंट सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है। कंपनी ने शुरुआत में 3D रेंडरिंग, एनिमेशन और सिमुलेशन समेत सॉफ्टवेयर डिवेलपमेंट पर फोकस किया और इसके बाद फॉरेंसिक साइंस और ट्रेनिंग टेक्नोलॉजीज पर फोकस किया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2015 से इंड-टू-इंड फॉरेंसिक प्रॉडक्ट्स, सॉल्यूशंस, क्राइम सीन इनवेस्टिगेशन के लिए टूल्स एंड टेक्नोलॉजीज, फिंगरप्रिंट साइंस, साइबर/डिजिटल फॉरेंसिक्स, सोशल मीडिया एनालिटिक्स और इविडेंस मैनेजमेंट सर्विसेज उपलब्ध कराती है। क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस, आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने और जनरल कॉरपोरेट पर्पज में करेगी।

(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)

लेखक के बारे में

Vishnu Soni

विष्णु सोनी लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस, गैजेट्स और ऑटो सेक्शन संभाल रहे हैं। वह दिसंबर 2020 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ हैं। वह शेयर बाजार, कॉरपोरेट, पर्सनल फाइनेंस, गैजेट्स और ऑटो की खबरें लिखते हैं। गैजेट्स और ऑटो रिव्यू में भी इनकी दिलचस्पी है। बिजनेस से जुड़ी खबरों में विष्णु हमेशा इस बात पर फोकस करते हैं कि वह पाठकों के 'काम की बात' वाला एंगल प्रमुखता से खबर में ला सकें, ताकि उनकी वित्तीय जागरूकता बढ़े। बिजनेस से जुड़ी खबरों में भाषा की सरलता और सहजता पर भी विष्णु का ध्यान हमेशा रहा है।

पत्रकारिता में विष्णु को 20 साल पूरे होने को हैं। विष्णु के करियर का ज्यादातर हिस्सा बिजनेस जर्नलिज्म से जुड़ा रहा है। वह दैनिक भास्कर, इकनॉमिक टाइम्स-हिंदी, अमर उजाला, नेटवर्क-18 और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। विष्णु ने पत्रकारिता की पढ़ाई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से की है। विष्णु, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। GST को लेकर बनाए गए विष्णु के एक वीडियो को अवॉर्ड भी मिल चुका है। कुकिंग, ट्रेवलिंग, क्रिकेट देखने और खेलने में इनको मजा आता है। अपने वक्त का एक हिस्सा विष्णु ऐसे शेयरों को 'खोजने' में लगाते हैं, जो कि आगे चलकर अच्छा रिटर्न दें।

और पढ़ें