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रात 8 से सुबह 6 बजे तक कट से 2400 से ज्यादा इकाइयां प्रभावित, 4.5 लाख लेबर खाली बैठी - Ludhiana News

September 12, 2026

आश्वासन के 2 दिन बाद ही झूठे साबित हुए दावे एटीआईयू के अध्यक्ष पंकज शर्मा ने बिजली कटों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कुछ ही दिन पहले विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने पीएसपीसीएल के चीफ इंजीनियर से मुलाकात की थी।

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उस दौरान चीफ इंजीनियर ने स्पष्ट आश्वासन दिया था कि उद्योगों पर कोई पावर कट नहीं लगाया जाएगा। लेकिन महज दो दिनों में ही यह आश्वासन पूरी तरह खोखला साबित हुआ और कारखानों में कामकाज ठप हो गया। संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल सचदेवा और वित्त सचिव संजय गुप्ता ने मांग की कि पीएसपीसीएल बिजली संयंत्रों में कोयले के स्टॉक की स्थिति और राज्य की बिजली आपूर्ति रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक करे।

उन्होंने कहा कि स्टील जैसे उद्योगों के लिए बिजली केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि मुख्य कच्चा माल है। बिजली कटौती के कारण कच्चे माल की कीमतों में 20% से अधिक की वृद्धि हो चुकी है, जिससे उद्योग गंभीर वित्तीय संकट में आ गया है। ATIU ने पंजाब सरकार और पीएसपीसीएल से तुरंत निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल करने की अपील की है।

पंजाब डाइयर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि बॉबी जिंदल ने बताया कि डाइंग इंडस्ट्री के लगभग सभी यूनिट रात की शिफ्ट में ही काम करते हैं। सुबह की लेबर 5 बजे चली जाती है और उसके बाद नाइट शिफ्ट के कामगार आते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 500 से अधिक डाइंग यूनिटों को जनरेटर पर चलाना संभव नहीं है, क्योंकि इससे उत्पादन लागत अत्यधिक महंगी पड़ जाएगी।

उन्होंने कहा कि मजदूर भी कारखानों के आसपास बने वेहड़ों में रहते हैं और भीषण गर्मी/उमस के बीच पूरी रात बिना बिजली गुजारने को मजबूर हैं। पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के इस रवैये से उद्योग और मजदूरों दोनों को आर्थिक व शारीरिक प्रताड़ना सहनी पड़ रही है।

विनोद थापर निटवियर क्लब के चेयरमैन और टेक्सटाइल उद्योग के दिग्गज विनोद थापर ने बताया कि होजरी, टेक्सटाइल और डाइंग सेक्टर के लगभग 1,500 यूनिट रात में चलते हैं, जिनमें करीब 3 लाख मजदूर काम करते हैं। रात के समय पूरी तरह बिजली गुल रहने से लाखों लेबर खाली बैठी है और रोजाना पूरी इंडस्ट्री को करोड़ों रुपये का सीधा नुकसान हो रहा है।

उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब सरकार आखिर कब तक सूबे के उद्योगों को इस तरह आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाती रहेगी। चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह ने कहा कि कैट-2 फीडर वाले उद्योगों को केवल 10% और कैट-3 वाले उद्योगों को महज 2% लोड इस्तेमाल करने की इजाजत दी गई है।

उनके मुताबिक ये पाबंदियां केवल आज के लिए हैं, क्योंकि शनिवार तक पावर प्लांट के दोबारा चालू होने की संभावना है। भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक लगाए जा रहे 10-10 घंटे के नाइट ब्लैकआउट से लुधियाना का पूरा औद्योगिक ढांचा चरमरा गया है।

शुक्रवार शाम 5 बजे अचानक पावर कॉरपोरेशन द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप में रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक बिजली बंद रहने का मैसेज भेज दिया गया। अचानक बिजली गुल होने के फरमान से औद्योगिक क्षेत्रों में अफरा-तफरी मच गई और नाइट शिफ्ट में काम करने आई लाखों लेबर को वापस अपने घरों की ओर लौटना पड़ा।

ढंडारी कलां एसोसिएशन के अध्यक्ष सतनाम सिंह मक्कड़ ने बताया कि शाम 5 बजे अचानक मैसेज मिला कि रात 8 से सुबह 6 बजे तक पावर कट रहेगा। इस वजह से ढंडारी कलां और फोकल प्वाइंट क्षेत्र के करीब 400 नाइट शिफ्ट यूनिटों में काम करने वाले 1 लाख से अधिक मजदूरों को बिना काम के वापस भेजना पड़ा।

मक्कड़ ने कहा कि एसोसिएशन केवल 2 दिन और स्थिति पर नजर रखेगी। अगर ऐसे ही ब्लैक नाइट कट जारी रहे, तो मंगलवार से सभी औद्योगिक संगठन एकजुट होकर पीएसपीसीएल और पंजाब सरकार के खिलाफ बड़े स्तर पर संघर्ष की प्लानिंग की जाएगी। सितंबर में शुरू के 6 दिन लगातार बिजली के 10 घंटे कट लगाए गए।

जब 7 सितंबर को सभी कारोबारी इकट्ठे हुए और प्रदर्शन का एलान किया तो तीन दिन लगातार 8,9,10 को बिजली सप्लाई मिली। मगर अब फिर से 10 घंटो के लिए बिजली फिर से बंद कर दी गई। पहले 6 दिनों में सभी इंडस्ट्री को 100 करोड़ का नुकसान हुआ जिसमें कई इंडस्ट्री ने तो लाखों रुपए का डीज़ल ही फूंक दिया। अब सभी इंडस्ट्री चिंता में बैठी है कि आने वालें दिनों में पावर सप्लाई मिलेगी या नहीं ।